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खुद आगे बढ़ पेश की मिसाल, लोग जुड़े और बन गए बेमिसाल

Nitin Bhal

Publish: Sep 04, 2019 21:20 PM | Updated: Sep 04, 2019 21:20 PM

Guwahati

Swachh Bharat: कहते हैं कि कुछ बदलाव लाने के लिए पहल खुद को ही करनी होती है। महान कार्य करने के लिए लीक से हट कर कार्य करना पड़ता है। मिजोरम ट्रेफिक पुलिस...

आइजोल. (सुवालाल जांगु). कहते हैं कि कुछ बदलाव लाने के लिए पहल खुद को ही करनी होती है। महान कार्य करने के लिए लीक से हट कर कार्य करना पड़ता है। मिजोरम ट्रेफिक पुलिस के कर्मचारी का एक ऐसा ही कार्य यहां हर ओर सराहा जा रहा है। यहां एक पुलिसकर्मी को झाड़ू लगाते देखकर कस्बे के निवासियों ने अपने कस्बे को नॉर्थ-ईस्ट का सबसे साफ-सुथरा कस्बा बना दिया। मिजोरम ट्रेफिक पुलिस का झाड़ू लगाते हुए दिखना सिद्ध करता है कि क्यों चमफाइ कस्बा पूर्वोत्तर राज्यों का सबसे साफ-सुथरा कस्बा है। पुलिसकर्मी शांगमिंगथांगा साइलो की स्वच्छता के प्रति जागरुकता इस बात को सिद्ध करती हैं चमफाइ ने ऐसे ही पूर्वोत्तर के सबसे साफ-सुथरे कस्बे का दर्जा प्राप्त नहीं किया है। यहां लोग अपनी जगह को स्वच्छ बनाए रखने के प्रति गंभीर हैं।

साइलो ने जीता लोगों का दिल

खुद आगे बढ़ पेश की मिसाल, लोग जुड़े और बन गए बेमिसाल

चमफाइ कस्बे में ड्यूटी पर तैनात ट्रेफिक पुलिस शांगमिंगथांगा साइलो ने कस्बे के लोगों का दिल जीत लिया है। लोगों ने साइलो को ट्रेफिक सर्किल पर झाड़ू से सफ़ाई करते हुए देख अपने कस्बे को साफ-सुथरा रखने की ठान ली। जिसका नतीजा यह हुआ कि चमफाइ कस्बा पूर्वोत्तर राज्यों का सबसे साफ-सुथरा कस्बा बन गया। ट्रेफिक पुलिसकर्मी साइलो अपनी दोहरी भूमिका की वजह से चर्चा में हैं। साइलो चमफाइ कस्बे के वेंगलाई के निवासी हैं।

स्वच्छ भारत मिशन में कमाया नाम

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स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जनवरी 2019 में चमफाइ को पूर्वोत्तर का सबसे साफ-सुथरा कस्बा चुना गया था। इसके अलावा इस कस्बे को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) का भी दर्जा मिला हुआ है। भाईचारा और समुदाय समर्थन की भावना और आचरण मिजो समाज में एक सुस्थापित सांस्कृतिक मूल्य और परंपरा है। यहां के लोगों को स्वच्छता के बारे में शिक्षा देने की जरूरत नही पड़ती है।

मुश्किल है कचरा दिखना

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चमफाइ कस्बे में कचरा दिखना मुश्किल है। पूर्वोत्तर में खासकर जनजातीय समुदायों में सामुदायिक समाज सेवा के अंतर्गत लोगों में अपनी स्थानीय जगह को साफ करने और रखने की परंपरा है। मिज़ो समुदाय में साफ-सफाई के लिए किसी व्यक्ति का न तो इंतजाम हैं और न ही इंतजार किया जाता है। समुदाय खुद ही अपनी जगह को साफ-सुथरा रखने की पहल करता है। साइलो का यह भलाई का कार्य सच में लोगों के लिए प्रेरणाकारी है। साइलो की तरह विनम्रता का कार्य पुलिस के प्रति लोगों में सकारात्मक धारणा बनाना है।