स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

सर्वाधिक एड्स रोगी मिजोरम में, २ हजार की हो चुकी मौत, असुरक्षित शारीरिक संबंध प्रमुख वजह

Yogendra Yogi

Publish: Oct 15, 2019 17:27 PM | Updated: Oct 15, 2019 17:27 PM

Guwahati

असुरिक्षत शारीरिक संबंध ( Insecure Physical Realtion ) हमेशा के लिए दर्द दे सकते हैं। मिजोरम इसका दंश झेल रहा है। प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध इस राज्य में एड्स ( AIDS ) का बड दाग लग चुका है।

 

 

आइज़ोल ( सुवालाल जांगु ) : असुरिक्षत शारीरिक संबंध ( Insecure Physical Realtion ) हमेशा के लिए दर्द दे सकते हैं। मिजोरम इसका दंश झेल रहा है। प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध इस राज्य में एड्स ( AIDS ) का बड दाग लग चुका है। जनसंख्या कम होने के बावजूद देश में सबसे ज्यादा एड्स रोगी मिजोरम में ही हैं। इस रोग की एक प्रमुख वजह है असुरिक्षत यौन संबंध। इससे यह लाइलाज बीमारी एक के साथ दूसरे को भी संक्रमित कर रही है। कैंसर की राजधानी के बाद मिज़ोरम देश में एचआईवी एड्स की राजधानी बना गया है।

प्रतिदिन 9 एचआईवी पॉजिटिव
मिज़ोरम में प्रतिदिन 9 एचआईवी पॉजि़टिव ( HIV Positive ) मामले दर्ज हो रहे हैं। यह आंकड़ा देश में जनसंख्या के हिसाब से सबसे ज्यादा हैं। पिछले सप्ताह मिज़ोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने एचआईवी एड्स के खतरे से लडऩे के लिए राज्य की जनता का आह्वान किया था। देश में 2.04 फीसदी की प्रचलित दर के साथ मिज़ोरम एचआईवी/एड्स के मामलों में सबसे आगे हैं। मणिपुर 1.43 फीसदी और 1.15 फीसदी के साथ नागालैंड क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। असम के सिलचर और नागालैंड के दिमापुर में हाल के वर्षों में एचआईवी/एड्स के मामलों में कमी आयी हैं। लेकिन मिज़ोरम में एचआईवी/एड्स के 9 मामले प्रतिदिन आने से न केवल पूर्वोत्तर राज्यों में बल्कि देश में चिंता का विषय है।

पहला एचआईवी केस 1990 में
मिज़ोरम राज्य एड्स नियंत्रण समाज (म्साक्स) के परियोजना निर्देशक डॉ. ललथ्लेन्गलिआनी ने बताया कि एचआईवी पॉजि़टिव के मामलों के रोग निदान कि सुविधाएं राज्यभर के सभी 44 आईसीटीसी केन्द्रों पर उपलब्ध हैं। राज्य में पहला एचआईवी/एड्स का मामला 1990 में आया था अब तक कुल 19,631 एचआईवी/एड्स मामले पाये गये और करीब 2,000 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी हैं।

युवा आ रहे हैं गिरफ्त में
राज्य में एचआईवी/एड्स पॉजि़टिव के मामले सबसे ज्यादा विपरीत सेक्स से हो रहे हैं। 66.08 फीसदी मामले विपरीत सेक्स से, 28.16 फीसदी सुई और सिरिन्ज की वजह से, माता-पिता से बच्चों में स्थानांतरण 2.96 फीसदी, समलेंगिंक संक्रमण से 1.03 फीसदी और 1.77 फीसदी मामले अन्य माध्यम से 7 आयु-वर्ग के हिसाब से मिज़ोरम में 42.38 मामले 25-34 वर्ष के लोगों में, 26.46 फीसदी मामलें 35-49 आयु-वर्ग में और 23.03 फीसदी मामलें 15-24 आयु-वर्ग के लोगों में दर्ज हुए।

साक्षरता में आगे पर हाल खराब
साक्षरता के पैमाने में देश का सबसे अग्रणी राज्य होने के बावजूद एचआईवी/एड्स के मामलों में सबसे अग्रणी होना इस छोटे राज्य के लिए बहुत बढ़ी चिंता की बात हैं। मादक-पदार्थों की तस्करी के लिए कुख्यात स्वर्ण त्रिकोण के दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश म्यांमार, लाओस और थायलैंड के रास्ते से सिरिन्ज ड्रग्स मिज़ोरम में पहुंचने के कई मामलें सामने आये हैं। मादक पदार्थों का सिरिन्ज के माध्यम से सेवन करने से राज्य में एचआईवी/एड्स के मामलों में हाल ही में बढ़ोतरी हुई हैं। राज्य में शराब पर प्रतिबंध होने के बावजूद नशीले पदार्थों की तस्करी से एड्स/एचआईवी के मामलें की संभावना बढ़ी हैं। लैंड-लॉक्ड और ईसाई बहुल मिज़ोरम की सीमा पड़ौसी देशों म्यांमार और बांग्लादेश के साथ खुली होने की वजह से एचआईवी/एड्स संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं।