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असम के पर्यटन पर संकट, भूटान ने दरंगा के रास्ते विदेशी पर्यटकों के यहां आने पर लगाया बैन

Prateek Saini

Publish: Sep 11, 2019 17:52 PM | Updated: Sep 11, 2019 17:52 PM

Guwahati

India Tourism: भूटान के इस फैसले से असम के पर्यटन ( Tourist Places Of Northeast India ) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, असम के ( Assam Tourist Places ) पर्यटन विभाग ( Assam Tourism Department ) को इस फैसले की जानकारी नहीं है, ( Top Ten Tourist Places Of India ) भूटान ( Bhutan ) का कहना है कि...

(गुवाहाटी,राजीव कुमार): भूटान सरकार ने अपने यहां के विदेशी पर्यटकों को असम के दरंगा के रास्ते आने-जाने पर पाबंदी लगा दी है। भूटान का कहना है कि दरंगा लैंड चेक पोस्ट अब तक भारत सरकार से अधिकृत नहीं है और...


भूटान सरकार ने सामद्रुपझंकार से असम प्रवेश को इच्छुक विदेशी पर्यटकों को वीजा न देने का आधिकारिक फैसला कर लिया है। इस पाबंदी के बाद से असम के पर्यटन उद्दयोग पर नकारत्मक प्रभाव पड़ेगा।


असम पर्यटन विभाग को नहीं जानकारी, यूं मामला आया सामने...

असम के पर्यटन विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं है। विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि हमें इस बारे में कुछ पता नहीं। ऐसा करते हुए हमें विश्वास में नहीं लिया गया है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब कुछ अंतरराष्ट्रीय पर्यटक भूटान से दरंगा आए और भूटान जाने के बजाए कोलकाता हवाईअड्डे पहुंचे। इन्हें दरंगा चेक पोस्ट से भारत में प्रवेश करने के चलते इमीग्रेशन क्लीयरेंश में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।


पर्यटक इसलिए आते हैं भूटान से असम...


मालूम हो कि सामद्रुपझंकार भूटान का पुराना शहर है। देश के पूर्वी क्षेत्र का यह द्वार है। गुवाहाटी से इसकी दूरी 110 किमी है। तीन घंटे में यहां पहुंचा जा सकता है। विदेशी पर्यटक इसलिए भूटान आने-जाने के लिए इस मार्ग को पसंद करते हैं। भूटान के पर्यटक सामद्रुपझंकार से असम में प्रवेश कर यहां के पर्यटन स्थलों का आनंद लेते थे। भूटान के सामद्रुपझंकार से असम के दरंगा में प्रवेश करने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को सहूलियत होती है। वे यहां से आसानी के साथ मानस राष्ट्रीय उद्दयान ( Manas National Park ) , काजीरंगा राष्ट्रीय उद्दयान ( Kaziranga National Park ) और नामेरी राष्ट्रीय उद्दयान ( Nameri National Park ) के साथ ही राज्य के अन्य पर्यटक स्थलों का दौरा कर सकते हैं। भूटान सरकार यूरोप के पर्यटकों को आकर्षित करती है जिसका लाभ असम को भी मिलता रहा है।


फैसले के पीछे यह है भूटान का तर्क...


भूटान सरकार का कहना है कि उसने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि भारतीय प्रबंधन ने दरंगा का लैंड चेक पोस्ट अनाधिकृत तरीके से विदेशी पर्यटकों की निकासी के लिए खड़ा किया है। भूटान के पर्यटन परिषद ने एक अधिसूचना जारी कर टूर ऑपरेटर्सों से कहा है कि वे सामद्रुपझंकार के रास्ते विदेशी पर्यटकों को न भेजें। अधिसूचना में कहा गया है कि हमने राज्य सरकार से यह मसला तुरंत भारत सरकार के समक्ष उठाकर दरंगा को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के निकासी के रास्ते के रुप में स्वीकृत कराने को कहा है। अंतरिम कदम के तौर पर जब तक हमें इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिलता तब तक इस रास्ते से जाने वाले विदेशी पर्यटकों के वीजा बंद कर देंगे।


एसोसिएशन ऑफ डॉमेस्टिक टूर ऑफरेटर्स ऑफ इंडिया के नार्थ ईस्ट चैप्टर के अध्यक्ष अरजीत पुरकायस्थ ने कहा कि पूर्वी भूटान में पक्षियों को देखने विदेशी पर्यटक आते हैं। भूटान टूर ऑफरेटर्स यह टूर कराते हैं और साथ ही वे असम के पक्षियों को देखने की भी विस्तारित टूर कराते हैं।

 

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