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असम के चाय बागानों में ड्रोन से होगा दवा का छिड़काव

Yogendra Yogi

Publish: Oct 21, 2019 17:08 PM | Updated: Oct 21, 2019 17:08 PM

Guwahati

मेघालय के दूरदराज इलाकों में बीमार लोगों को दवा पहुंचानी हो या काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की निगरानी करनी हो, इन सबमें ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। असम के चाय बागानों में भी ड्रोन का उपयोग शुरु हो गया है।

 

 

गुवाहाटी (राजीव कुमार)। ड्रोन महज अब बच्चों के खेलने का खिलौना नहीं रहा है। ड्रोन का अब व्यवसायिक उपयोग ( Drone Commercial Usese ) होने लगा है। मेघालय ( Meghalaya ) के दूरदराज इलाकों में बीमार लोगों को दवा पहुंचानी हो या काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान ( Kaziranga National Park ) की निगरानी करनी हो, इन सबमें ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन अब असम के चाय बागानों ( Tea Gardens ) में भी उतर आया है। चाय बागानों में भी ड्रोन का उपयोग शुरु हो गया है।

टी कपंनी ने की शुरूआत
चाय बागान में कीटनाशक के प्रयोग के लिए ड्रोन का इस्तेमाल शुरु हुआ है। असम के डिबू्रगढ़ जिले में स्थित असम कंपनी इंडिया लिमिटेड ( Tea Company ) के चाय बागान में कीटनाशक दवा के छिड़काव के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनी के माइजान चाय बागान में इसका प्रयोग हुआ है। असम कंपनी इंडिया लिमिटेड के मालिक बी आर शेट्टी के नेतृत्ववाले बीआरएस वेंचर का एक उपक्रम है।

इजराइल की तकनीक
शेट्टी ने बताया कि यह इजराइल आधारित प्रौद्योगिकी है। यह चाय की उन झाडियों की शिनाख्त करेगा जो व्याधि से ग्रस्त हैं फिर उन पर दवाओं का छिड़काव करेगा। यह छिड़काव पांच मीटर ऊपर से होगा। शेट्टी ने कहा कि हमारा लक्ष्य चाय उद्योग में नई-नई प्रौद्योगिकी लाकर इसे आगे ले जाना है। हमारे बागानों के छब्बीस हजार कर्मियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हम भारतीय चाय व्यापार के खोए स्वर्ण दिनों को वापस लाना चाहते हैं। हम पूरी तरह पॉजीटिव हैं कि भारतीय चाय उद्योग में आनेवाले दिनों में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिलेगा।

रोजगार पर असर नहीं
कंपनी ने चाय श्रमिकों के जीवन को उन्नत करने के लिए कई बहुउद्देशीय उपाय शुरु किए हैं। इनमें बेहतर आवास,शुद्ध पेयजल, शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और श्रमिकों के परिवार का विकास शामिल है। साथ ही चाय बागानों में विश्व स्तरीय अस्पताल का निर्माण करना है। श्रमिकों को यहां नि:शुल्क इलाज उपलब्ध होगा। शेट्टी ने कहा कि वे कंपनी का मुख्यालय कोलकाता से डिबू्रगढ़ स्थानातंरित करने पर विचार कर रहे हैं। साथ ही असम में चाय पर्यटन को लाने की योजना बना रहे हैं।