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असम एनआरसी में नाम नहीं, तो पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों ने प्रवेश पर लगाई रोक

Brijesh Singh

Publish: Sep 12, 2019 18:28 PM | Updated: Sep 12, 2019 18:28 PM

Guwahati

Assam NRC: राष्ट्रीय नागरिक पंजी ( NRC ) की अंतिम सूची में शामिल न हो पाए लोगों को पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में प्रवेश करने से रोका जा रहा है।

( गुवाहाटी, राजीव कुमार ) । असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी ( Assam NRC ) की अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद जिन लोगों के नाम इसमें नहीं आए हैं, उन्हें पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में प्रवेश करने से से रोका जा रहा है। आशंका है कि यह लोग वहां जाकर बस जाएंगे। इसी आशंका के चलते पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों ने वहां जा रहे लोगों की पड़ताल शुरू कर दी है। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संग्मा ( Konrod Sangma ) ने मेघालय विधानसभा में इस बात पर चिंता भी जाहिर की है।

तलाशी चौकी पर रोके गए

उन्होंने विधानसभा में बयान दिया कि एनआरसी के जरिए असम में नागरिकता प्रमाणित न कर पाने वाले 223 लोग मेघालय की सीमा में प्रवेश करना चाहते थे। मेघालय सीमा ( Meghalaya border ) की तलाशी चौकी पर उन्हें रोक दिया गया। असम-मेघालय सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों को 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। भारतीय नागरिक के तौर पर कागजात न दिखा सकने वालों को मेघालय में प्रवेश से रोका जा रहा है।

नगालैंड ने भी सुरक्षा कड़ी की

नगालैंड ने भी असम नगालैंड सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था अधिक कठोर कर दी है। नगालैंड ( Nagaland ) के गृह विभाग ने एक नोटिस जारी कर पुलिस से कहा है कि असम-नगालैंड सीमा के सभी प्रवेशद्धार और जांच चौकियों पर सुरक्षा व्यवस्था कठोर की जाए। विशेषकर जरूरी कागजातों और प्रवेश-पत्र के बिना राज्य के बाहर के लोगों को नगालैंड में प्रवेश करने न दिया जाए। नगालैंड के गृह विभाग ने सभी गांव, शहर, पौर निगम के इलाकों में रहने वाले बाहर के लोगों पर तीखी नजर रखने का संबंधित पक्षों को निर्देश दिया है।

19 लाख लोग नहीं हैं एनआरसी सूची में
असम एनआरसी की अंतिम सूची में 19 लाख लोगों के नाम नहीं हैं। गुवाहाटी में नार्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलांयस ( North East Democratic Alliance ) की हाल ही में एक बैठक हुई। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद थे। इसमें पूर्वोत्तर राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों ने एनआरसी में नाम न रहने वाले लोगों के अपने यहां आ जाने की आशंका जताई थी। इस पर शाह ने स्पष्ट किया था कि देश में कहीं भी एक भी घुसपैठिये को रहने नहीं देंगे। देश जब कहता हूं तो इसमें पूर्वोत्तर के राज्य भी शामिल हैं।

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