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असम सरकार ने सीएए विरोध पर यह अपनाया तरीका

Yogendra Yogi

Publish: Dec 31, 2019 20:24 PM | Updated: Dec 31, 2019 20:24 PM

Guwahati

( Assam News ) पिछले करीब एक पखवाड़े से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध ( Protest on CAA ) को लेकर परेशान असम की भाजपा सरकार ने आंदोलन का रुख बदलने के लिए नई कवायद ( Govt Trying Divert Issue ) की है। सरकार ने इसे ठंडा करने के लिए कई लोकलुभावन घोषणाएं की हैं।

गुवाहाटी(राजीव कुमार):( Assam News ) पिछले करीब एक पखवाड़े से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध ( Protest on CAA ) को लेकर परेशान असम की भाजपा सरकार ने आंदोलन का रुख बदलने के लिए नई कवायद ( Govt Trying Divert Issue ) की है। सरकार ने इसे ठंडा करने के लिए कई लोकलुभावन घोषणाएं की हैं। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने आज 22 स्वदेशी साहित्य सभाओं के प्रतिनिधियों से बैठक की।

मुख्यमंत्री ने किया ऐलान
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि असम साहित्य सभा को 10 करोड़ संग्रह राशि और बोड़ो साहित्य सभा को पांच करोड़, अन्य स्वदेशी साहित्य सभाओं को 3-3 करोड़ रुपये का एकमुश्त अनुदान दिया जाएगा। इससे असम साहित्य सभा सालाना 80 लाख रुपये का ब्याज प्राप्त कर सकेगी, जबकि बोड़ो साहित्य सभा 40 लाख और अन्य स्वदेशी सभाएं 24-24 लाख रुपये सालाना ब्याज पा सकेगी। आज की बैठक में मुख्यमंत्री ने एलान किया कि राज्य सरकार 1 हजार नये लेखकों को 50-50 हजार रुपये का एकमुश्त वित्तीय अनुदान देगी।

भाषा गौरव योजना
अखिल असम छात्र संघ(आसू),असम जातीयतावादी छात्र संघ(अजायुछाप) और कलाकारों का अहिंसक आंदोलन पूरे असम में चल रहा है। असम की भाजपानीत सरकार आंदोलन को शांत करने के लिए विभिन्न संप्रदायों के लिए योजनाओं का ऐलान किए जा रही है। इसी क्रम में इसमें असम की सबसे बड़ी साहित्य सभा असम साहित्य सभा के अलावा बोड़ो साहित्य सभा भी मौजूद थीं। असम साहित्य सभा हर साल अपना अधिवेशन करती है। इसमें लाखों लोग हिस्सा लेते हैं। बैठक में यह भाषा गौरव योजना के तहत दिया जाएगा, जिसकी घोषणा बजट में की गयी थी।

साहित्य-संस्कृति को संरक्षण
मुख्यमंत्री ने आशा जतायी कि इस योजना से युवा पीढ़ी के लेखक साहित्यिक कार्यों में कार्य करने को इच्छुक होंगे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्वदेशी साहित्य सभाएं अपनी-अपनी भाषा और साहित्य-संस्कृति के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए अनुसंधान कार्यों पर बल दें। इस सिलसिले में राज्य सरकार हरसंभव मदद देगी। आज की बैठक में असम साहित्य सभा, बोड़ो साहित्य सभा के अलावा इंडिजेनस ट्राइबल सभा असम, देउरी साहित्य सभा, डिमासा साहित्य सभा, असम नेपाली साहित्य सभा, निखिल राभा साहित्य सभा, कार्बी साहित्य सभा, मिसिंग साहित्य सभा, निखिल विष्णुपुरिया साहित्य सभा, पूर्वांचल ताई साहित्य सभा, तिवा साहित्य सभा, असम मणिपुरी साहित्य परिषद, गारो साहित्य सभा, मोरान साहित्य सभा, असम चाय जनगोष्ठी साहित्य सभा, सोनोवाल कछारी साहित्य सभा, कुरूख साहित्य सभा, कोच राजवंशी साहित्य सभा, संथाल साहित्य सभा, मुंद्री साहित्य सभा, शरणीया कछारी साहित्य सभा ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में राज्य के उद्योग व वाणिज्य मंत्री चंद्रमोहन पटवारी, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ऋषिकेश गोस्वामी, विधि सलाहकार शांतनु भराली, प्राथमिक और सैकेंडरी शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव प्रीतम सैकिया मौजूद थे।

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