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सावधान! महंगी पड़ेगी चाय की चुस्की

arun Kumar

Publish: Jul 19, 2019 23:45 PM | Updated: Jul 19, 2019 23:45 PM

Guwahati

Assam tea: असम इन दिनों भारी बारिश और बाढ़ से चाय की खेती चौपट हो रही है. इससे बाजार में चाय के दाम बढऩे (Tea prices rise) की संभावना है. राज्य के कई जिले पानी में डूबे हैं और जनजीवन बेहाल है. बाढ़ का असर सीधे तौर पर चाय की पैदावार पर भी पडऩा तय है.

असम की बाढ़ से चाय की पैदावार 8 फीसदी होगी कम
ब्रह्मपुत्र नदी के नजदीक वाले चाय बागान पानी में डूबे

गुवाहाटी

पूर्वोत्तर राज्य असम इन दिनों भारी बारिश और बाढ़ से चाय की खेती चौपट हो रही है. इससे बाजार में चाय के दाम बढऩे की संभावना है. राज्य के कई जिले पानी में डूबे हैं और जनजीवन बेहाल है. बाढ़ का असर सीधे तौर पर चाय की पैदावार पर भी पडऩा तय है. जानकार मान रहे हैं कि इस साल चाय की पैदावार में आठ प्रतिशत तक की कमी होगी और चाय के दाम बढ़ सकते हैं. बाढ़ की यही स्थिति रही तो उत्पादन और भी घट सकता है. पिछले साल असम के चाय बागानों में 64.51 करोड़ किलो पैदावार हुई थी. यह देश के कुल उत्पादन यानी 133.86 करोड़ किलो का तकरीबन 49 प्रतिशत था. इंडियन टी एसोसिएशन के चेयरमैन विवेक गोयनका ने बताया कि जुलाई में बाढ़ की वजह से उत्पादन 8 प्रतिशत गिर सकता है. ब्रह्मपुत्र नदी के नजदीक वाले चाय बागान पानी में डूब गए हैं. इससे खासकर बागानों में नुकसान बढ़कर 15 प्रतिशत तक हो सकता है. इस सप्ताह असम के 33 में से 30 जिले बाढ़ में डूब गए. इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है. बाढ़ से कुलमिलाकर 4,157 गांवों के 429 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. 30 जिलों में 1,53,211 हेक्टेयर कृषि भूमि भी जलमग्न हो गई है. काजीरंगा नेशनल पार्क का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूबा हुआ है.

चाय उत्पादन के लिए तापमान जरूरी

Alert : Tea will Expensive in comming days

जयश्री टी एंड इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर डीपी माहेश्वरी की मानें तो जुलाई में ज्यादा बारिश से रकबे में भी कमी आएगी. जुलाई में पौधों को चाय उत्पादन के लिए 35 डिग्री तापमान की जरूरत होती है, लेकिन बारिश के चलते तापमान काफी कम है. किसान फसल के नुकसान को लेकर चिंतित हैं.

ब्लैक टी का भाव बढऩे की संभावना

कुछ महीनों में ब्लैक टी का भाव बढ़ सकता है. इस साल सीटीसी की कीमतों में गिरावट बनी रही थी. चाय की नीलामी करने वाले एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बाजार में सप्लाई कम होने की खबर आते ही खरीदार चाय का स्टॉक जमा करना शुरू कर देते हैं. इस औचक खरीदारी से बाजार में कीमतों में उछाल आने की संभावना है। इस बीच 2019 शुरुआती 5 महीनों में भारत ने 322 लाख किलो चाय का उत्पादन किया था, जो पिछले साल से 7 प्रतिशत कम है.