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गणतंत्र दिवस का तोहफा: लाल डोरा के भीतर रहने वालों को मिलेंगे टाइटल डीड

Devkumar Singodiya

Publish: Jan 20, 2020 18:22 PM | Updated: Jan 20, 2020 18:22 PM

Gurgaon

प्रदेश के 15 जिलों के 75 गांव भी होंगे योजना में शामिल

चंडीगढ़. हरियाणा के गांवों की लाल डोरा सीमा में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक मिलने का सपना अब साकार होने जा रहा है। करनाल के सिरसी में विकास एवं पंचायत विभाग की ड्रोन मैपिंग पूरी हो गई है। अब गणतंत्र दिवस के अवसर पर सिरसी के 400 परिवारों को जहां टाइटल डीड मिल जाएगी, वहीं राजस्व विभाग इस प्रक्रिया में जुट गया है कि सिरसी के उक्त परिवारों की टाइटल डीड को कंन्वैंस डीड में कैसे बदला जाए।

सरकार ने लाल डोरा सीमा में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक दिलवाने के लिए पायलट प्रोजैक्ट के रूप में करनाल जिला के गांव सिरसी को चुना था।

सरकार की यह योजना चरणबद्ध तरीके से सिरे चढ़ाई जा रही है। जिसके पूरी तरह से लागू होने के बाद लाल डोरा सीमा के भीतर जमीनों की रजिस्ट्री हो सकेगी। पुश्तैनी जमीन अथवा उस पर बने ढांचों की खरीद फरोख्त कर सकेंगे। इस जमीन पर बैंकों से कर्ज ले सकेंगे। राजस्व रिकार्ड में इंतकाल चढ़ेगा और कब्जाकार को मालिकाना हक मिलेगा। गांव में बने घरों को बकायदा नंबर अलाट होंगे।

सिरसी की सफलता के बाद हरियाणा सरकार ने 15 जिलों के 75 गांवों में इस योजना का विस्तार करते हुए मैंपिंग के आदेश जारी किए हैं। यही नहीं करनाल, सोनीपत व जींद जिलों के सभी गांवों को इस योजना में शामिल करने का फैसला लिया गया है।


यह है लाल डोरा का पूरा विवाद

आजादी के बाद संयुक्त पंजाब के समय लोगों को जहां जगह मिली, कब्जा कर रहना शुरू कर दिया। इसके बाद एक नवंबर 1966 को जब हरियाणा अस्तित्व में आया तो अलग से मुरब्बाबंदी की गई और लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपने आवास बनाने शुरू कर दिए। जिन्हें लाल डोरा की संज्ञा दी गई। लाल डोरा सीमा में रहने वाले लोगों का कब्जा तो पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है, लेकिन उनके पास इसके मालिकाना हक नहीं हैं। हरियाणा सरकार ने सर्वे ऑफ इंडिया के साथ एक एमओयू किया था। इसके तहत सिरसी का ड्रोन सर्वे कर नक्शा तैयार किया गया।


सिरसी में पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है। यहां के लोगों को जल्द ही टाइटल डीड दे दी जाएगी। अगली कार्रवाई राजस्व विभाग करेगा। प्रदेश के अन्य जिलों में इस योजना का विस्तार किया जा रहा है। बहुत जल्द सभी जिलों के गांवों को कवर कर लिया जाएगा।
सुधीर राजपाल, प्रधान सचिव, विकास एवं पंचायत विभाग



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