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महिलाओं की मदद के लिए वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर

Chandra Prakash sain

Publish: Sep 18, 2019 07:00 AM | Updated: Sep 17, 2019 18:29 PM

Gurgaon

Haryana: हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए खोले सेंटर, पीडि़त महिलाओं को दी जाएगी सुरक्षा और शिकायत दर्ज करने की सुविधा।

गुरुग्राम. गुरुग्राम में घरेलू हिंसा व दुष्कर्म की शिकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक व मानसिक तौर पर सशक्त करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सिविल लाइन्स में वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर स्थापित किया गया है जिसे अब उपायुक्त के मार्गदर्शन में और अधिक सक्रिय कर दिया गया है। इस सेंटर में घरेलू हिंसा या महिलाओं संबंधी किसी भी मामले में उन्हें तुंरत पुलिस, मेडिकल और मानसिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। आमतौर पर महिलाओं की शिकायत रहती है कि पुलिस उनके मामले में तुरंत कार्रवाई नहीं करती। एेसें में अपराधी पुलिस की पकड़ से या तो दूर हो जाते है या फिर अपने रसूख से खुलेआम घूमते रहते है। पीडि़त महिलाओं को संबल देने और सुरक्षा के लिए कोई आगे नहंीं आता है।
इस बारे में जानकारी देते हुए जिला उपायुक्त अमित खत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जिले में बलात्कार पीडि़त महिलाओं की सुरक्षा और उनके समग्र विकास के लिए ये सेंटर खोले गए है। हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जिले में ये सेंटर खोले गए है जहां महिलाओं को स्वास्थ्य, वैधानिक, पुनर्वास , कामकाज के साथ ही मानसिक सपोर्ट भी किया जाता है। सेंटर में एक पुलिस अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ, आईटी प्रोफेशनल, मनोचिकित्सक व सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती की गई है। इस सेंटर पर बलात्कार समेत घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा के अंतर्गत मारपीट, लड़कियों को शिक्षा से निवारित करना, रेप अपराध, लैंगिक उत्पीडन, भावनात्मक उत्पीडन, बाल विवाह, महिला तस्करी, दहेज उत्पीडऩ, एसिड अटैक, साइबर क्राइम, लावारिस महिलाएं एवं बच्चे, अपहरण तथा महिलाओं से संबंधित अन्य अपराध शामिल है।
महिला एवं बाल विकास विभाग गुरुग्राम की कार्यक्रम अधिकारी सुनैना ने बताया कि वन स्टाप क्राइसिस सेंटर में कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा, रहने के लिए अल्प आवास की सुविधा दी जाती है। इस सेंटर में पीडि़त महिलाओं को नि:शुल्क कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सुविधा, पुलिस से संबंधित मदद उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से की गई है। इसके अलावा, केन्द्र के माध्यम से पांच दिन रूकने वाली महिला को सभी मूलभूत सुविधा दी जाती है।