स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

इंग्लिश वाइन की 4 लाख से ज्यादा बोतल अवैध रूप से बेच डाली

Devkumar Singodiya

Publish: Nov 25, 2019 17:58 PM | Updated: Nov 25, 2019 18:51 PM

Gurgaon

केवल फतेहाबाद में ही करोड़ों का गोलमाल हुआ है। यहां दो एल-वन और तीन एल-13 का स्टॉक खंगाला गया। फिजिकल जांच में पता चला कि कागजों में तो करोड़ों रुपए की शराब स्टॉक में दिखाई हुई थी, लेकिन स्टॉक में 4 लाख 8 हजार से अधिक बोतल यानी करीब 14 हजार पेटियां कम मिली।

चंडीगढ़. हरियाणा के फतेहाबाद में गैरकानूनी तरीके से करोड़ों रुपए कीमत की शराब बेचने का घोटाला सामने आया है। शराब कंपनियों द्वारा फर्जी बिलिंग तथा स्टॅाक में हेराफेरी कर शराब बेची गई है। जांच के बाद संबंधित कंपनियों के विरूद्ध कार्रवाई शुरू हो गई है।
मौजूदा सरकार में आबकारी एवं कराधान विभाग उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास है। पूर्व सरकार के समय में यह विभाग कैप्टन अभिमन्यु के पास थे। सूत्रों के अनुसार कई जिलों में शराब बिक्री में फर्जीवाड़े की सूचनाओं के बाद यह जांच की गई। इसमें घोटाला उजागर हुआ है। विभागीय अधिकारियों की बैठक के दौरान दुष्यंत चौटाला ने हिसार के डीईटीसी समीर यादव को फतेहाबाद में शराब कंपनियों के स्टॉक की फिजिकल वेरिफिकेशन के निर्देश दिए। फतेहाबाद डीईटीसी वीके शास्त्री को इस जांच की जानकारी नहीं मिली।


फतेहाबाद में 4 लाख से अधिक बोतल का अवैध बेचान


चीनी मील को घाटे से उबारने के लिए करेंगे कवायद

आबकारी नीति में फतेहाबाद को राज्य के अन्य जिलों के मुकाबले छोटा जिला माना जाता है। यहां मिली धांधली के बाद अब अन्य जिलों में भी स्टॉक का फिजिकल वेरिफिकेशन करवाया जा सकता है। अकेले फतेहाबाद में 4 लाख से अधिक शराब की बोतलें अवैध तरीके से बेचने का पर्दाफाश हुआ है। इसमें देशी के अलावा विदेशी शराब का भी बड़ा स्टॉक शामिल है। शराब की कुल लागत का पता नहीं लगाया जा सका है, लेकिन पंचकूला मुख्यालय तक पहुंची रिपोर्ट के बाद अब शराब की वेल्यू का आकलन होगा। आशंका जताई जा रही है कि केवल फतेहाबाद में ही करोड़ों का गोलमाल हुआ है। यहां दो एल-वन और तीन एल-13 का स्टॉक खंगाला गया। पांचों कंपनियों के खिलाफ मुख्यालय से जुर्माने के नोटिस जारी होंगे।


पांचों कंपनियों ने किया गोलमाल


हरियाणा में आइपीएस एचपीएस की सम्पत्तियों की होगी जांच

फिजिकल जांच में पता चला कि कंपनियों ने कागजों में तो करोड़ों रुपए की शराब स्टॉक में दिखाई हुई थी। जब स्टॉक को खंगाला गया तो पांचों कंपनियों के गोदाम में 4 लाख 8 हजार से अधिक बोतल यानी करीब 14 हजार शराब की पेटियां कम मिली। माना जा रहा है कि यह शराब अवैध तरीके से बेच दी गई। इस मामले की जांच करने वाले हिसार के डीईटीसी समीर यादव के अनुसार फतेहाबाद में पांच कंपनियों के स्टॉक में करीब 14 हजार पेटियां कम मिली हैं। इनकी बिलिंग थी, लेकिन गोदाम में माल नहीं था। यानी अवैध तरीके से शराब बेची गई। पंजाब एक्साइज एक्ट-1914 के तहत ब्रीच केस बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। अब अगली कार्यवाही आबकारी आयुक्त मुख्यालय से होगी।


हरियाणा की अधिक खबरों के लिए क्लिक करें...
पंजाब की अधिक खबरों के लिए क्लिक करें...

[MORE_ADVERTISE1]