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दो दिन शेष! चूक ना जाएं मौका विशेष...

Satyendra Porwal

Publish: Dec 21, 2019 22:03 PM | Updated: Dec 21, 2019 22:03 PM

Gurgaon

-किंगडम ऑफ ड्रीम्ज में पहुंचे पचास हजार बच्चे।
-बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ही परिषद का उद्देश्य-कृष्ण ढुल।
-ऐतिहासिक बना राज्यस्तरीय बाल महोत्सव।

गुरुग्राम. हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय बाल महोत्सव 2019 के तीसरे दिन 40 से 50 हजार बच्चे यहां पहुंचे और महोत्सव ऐतिहासिक बन गया। परिषद के महासचिव कृष्ण ढुल ने कहा कि परिषद बच्चों के सपनों को साकार करने में प्रयासरत है। इसी कड़ी में वे लगातार ऐसे आयोजनों को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि बच्चों को प्रतिभा निखारने का मंच मिल सके।
सर्द मौसम में सुबह 9 बजे से बच्चे आना शुरू हो गए थे। सिलसिला दिनभर जारी रहा। बच्चों ने महोत्सव में जमकर मस्ती की। ढोल की थाप पर नाचते-गाते मुस्कराते बच्चों के अलावा प्रदेश और देश ही नहीं बल्कि विदेशी सैलानियों ने भी यहां शिरकत की। महोत्सव की प्रतियोगियों द्वारा बनाई गई चित्रकारियों और कलाकृतियों ने मन मोह लिया। विभिन्न जिलों की स्टॉल प्रदर्शनी, जादूगर का तमाशा और कठपुतली डांस आकर्षण का केंद्र रहे।
बच्चों को भोजन के साथ वीटा दूध की बोतल नि:शुल्क दी गई। सिंगर केडी ने गानों के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति और संस्कारों को संजोए रखने का संदेश दिया। नि:शुल्क झूले, घुड़सवारी और ऊंट की सवारी की नि:शुल्क व्यवस्था का बच्चों ने जमकर लुत्फ उठाया। महोत्सव में आए कई शिक्षकों ने कहा कि किंगडम ऑफ ड्रीम्ज जैसे अनूठे और ऐतिहासिक स्थान के द्वार प्रदेश के हर बच्चे के लिए खुले होना सुखद बात है। विश्व स्तरीय मंच पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं बच्चों का हौसला बढ़ाने वाली हैं।

बाल महोत्सव बच्चों का महाकुंभ: मूलचंद
हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने महोत्सव को बच्चों का महाकुंभ बताया। उन्होंने कहा कि परिषद ने बच्चों को कला प्रदर्शन करने के लिए ऐसा मंच प्रदान किया है जो देश-प्रदेश की संस्कृति की अनेकता में एकता प्रदर्शित करता है। उन्होंने आयोजकों को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी और परिषद को 5 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की।
पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता ने कहा कि यहां रोजाना विभिन्न प्रतियोगिताओं से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ रहा है। इससे पूर्व, गेल की डायरेक्टर एवं भाजपा उपाध्यक्ष बंतो कटारिया ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि 'संघर्ष करो, शिक्षित बनो और संगठित रहो' ताकि भविष्य में भारत को सोने की चिडिय़ा बना सकें। परिषद बच्चों व समाज के उत्थान के लिए कार्यरत हैं, ताकि भविष्य में बच्चे शिक्षित बनें और आजीविका के साधन जुटा सके। परिषद महासचिव कृष्ण ने अतिथियों का स्वागत किया।

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