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20 दिनों से ठप है गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एरिया, करोड़ों का हो चुका नुकसान

Devkumar Singodiya

Publish: Nov 15, 2019 20:16 PM | Updated: Nov 15, 2019 20:16 PM

Gurgaon

अधिकांश गारमेंट एक्सपोर्ट यूनिट होने से ज्यादातर बायर्स का ऑर्डर समय से पूरा नहीं हो पा रहा है। इंग्लैंड जैसे पश्चिमी देशों के खरीदार केवल हमारे पर निर्भर नहीं हैं, उनके पास ताइवान, चाइना, मलेशिया और बंग्लादेश से माल लेने के विकल्प भी मौजूद हैं।

गुरुग्राम. दिल्ली एनसीआर में पर्यावरण की गंभीर स्थिति के बाद केंद्र सरकार ने एनसीआर में जहां निर्माण कार्यों पर रोक लगा रखी है। वहीं फैक्ट्रियों में लगे सभी बॉयलर और जनरेटर भी बंद करवा दिए हैं। सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एरिया पर हुआ है। जहां एक्पोर्ट फैक्ट्रियों पर पड़ रहा है। इनमें ज्यादातर गारमेंट निर्यातक हैं, जिन्हें मौसम के मुताबिक एक तय समय सीमा में अपने उत्पाद विदेश पहुंचाने होते हैं।
बॉयलर बंद होने के कारण कपड़े की धुलाई, रंगाई जैसे काम नहीं हो पा रहे। लिहाजा अधिकांश फैक्ट्रयां 25 नवंबर से ठप पड़ी हैं, जिसका सीधा असर गारमेंट एक्सपोर्ट और उत्पादनों पर पड़ रहा है।
गुरुग्राम के उद्यमियों ने उद्योग व्यापार मोर्चा बना कर इस समस्या को प्रशासन के समक्ष भी रखा, लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका। उद्योगपति सत्यदेव चौधरी बताते हैं कि अधिकांश गारमेंट एक्सपोर्ट यूनिट होने से ज्यादातर बायर्स का ऑर्डर समय से पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि इंग्लैंड जैसे पश्चिमी देशों के खरीदार केवल हमारे पर निर्भर नहीं हैं, उनके पास ताइवान, चाइना, मलेशिया और बंग्लादेश से माल लेने के विकल्प भी मौजूद हैं।

मानकों की पालना, फिर भी रोक

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दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों का खमियाजा एनसीआर के गारमेंट एक्सपोर्ट फैक्ट्री मालिकों को उठाना पड़ रहा है। गुरुग्राम उद्योग व्यापार मोर्चा के पदाधिकारियों का यह भी कहना हैं कि बॉयलर से निकलने वाला धुंआ पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता, क्योंकि सभी फैक्ट्रियों के बॉयलर ट्रीटमेंट पर्यावरण विभाग के मानकों के मुताबिक ही लगे हैं।
केंद्र सरकार के इस आदेश बाद गुरुग्राम की फैक्ट्रियों के उन लाखों मजदूरों की रोजी-रोटी पर सवाल खड़ा हो गया जो गारमेंट फैक्ट्रियों में दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करते थे। दूसरी तरफ फैक्ट्री मालिकों का कहना हैं कि टॉइम बाउंड शिपमेंट न होने के चलते उनके करोड़ों रुपए के ऑर्डर भी बॉयर ने केंसिल कर दिए।
गुरुग्राम उद्योग व्यापार मोर्चा के संयोजक सत्यदेव चौधरी ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे का उचित समाधान नहीं किया तो मोर्चा शांतिपूर्ण तरीके के प्रदर्शन करेगा।


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