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...ऐसे बना गुरुग्राम खास! जाने क्या-क्या है खास

Satyendra Porwal

Publish: Dec 27, 2019 20:11 PM | Updated: Dec 27, 2019 20:11 PM

Gurgaon

बांग्लादेश का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा गुरुग्राम।
नगर निगम कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल को बैठक में बताई विशेषताएं।

गुरुग्राम. भारत में तेजी से बढ़ते शहरों में गुरुग्राम कई विशेषताओं से भरा है। बांग्लादेश के ढाका शहर का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जब गुरुग्राम पहुंचा तो यहां एक मीटिंग में प्रजंटेशन के जरिए गुरुग्राम कैसे लगातार बेहतर बनता गया, इसकी खूबियां बताई गई तो सिलसिलेवार प्रजंटेशन में जैसा शहर दिखता है वैसा ही प्रगति के पथ पर निरन्तर गुरुग्राम बढ़ता नजर आया।
नगर निगम कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में प्रजंटेशन के माध्यम से नगर निगम की कार्यप्रणाली, ऑनलाईन सेवाओं तथा ठोस कचरा व मलबा प्रबंधन की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल को स्ट्रॉम वाटर मैनेजमैंट, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, सीवरेज मैनेजमैंट, वाटर मैनेजमैंट, सैप्टेज मैनेजमैंट, स्ट्रीट लाइट सिस्टम, खेल सुविधाएं, पार्क, ग्रीन प्लान, विंटेज कैमरा म्यूजियम, बादशाहपुर ड्रेन सौंदर्यकरण, कल्चरल कॉम्पलैक्स, मल्टीलेवल पार्किंग व गुरूजल सहित अन्य कार्य बताए।
प्रति व्यक्ति आय में गुरुग्राम देश में तीसरे स्थान पर

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प्रजंटेशन में बताया कि गुरुग्राम हरियाणा का बड़ा शहर है तथा प्रति व्यक्ति आय में गुरुग्राम देश में तीसरे स्थान पर आता है। संपत्तिकर, विवाह पंजीकरण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, बिल्डिंग प्लान स्वीकृति, फायर एनओसी सहित अन्य सेवाएं शामिल हैं।
ठोस कचरा प्रबंधन
गुरुग्राम नगर निगम सीमा में प्रतिदिन एक हजार टन कचरा उत्पन्न होता है। कचरा प्रबंधन के लिए इकोग्रीन एनर्जी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो घरों से कचरा एकत्रित करके बंधवाड़ी पहुंचाती है, जहां पर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्य सडक़ों की सफाई के लिए 4 स्वीपिंग मशीनें हैं तथा लगभग 5 हजार सफाई कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों को बीट वाईज जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
अपने परिसर में कचरे का निस्तारण अनिवार्य
निगम सीमा में स्थित बल्क वेस्ट जनरेटरों को अपने परिसर में कचरे का निस्तारण करना अनिवार्य किया गया है तथा मशीनरी और तकनीकी सहायता के लिए 11 एजेंसियों को एम्पैनल किया हुआ है।
300 टन प्रतिदिन क्षमता का मलबा प्रबंधन प्लांट
मलबा प्रबंधन के बारे में बताया गया कि शहर में प्रतिदिन 800 टन मलबा उत्पन्न होता है। नगर निगम गुरूग्राम द्वारा आईएलएंडएफएस के सहयोग से 300 टन प्रतिदिन की क्षमता का मलबा प्रबंधन प्लांट लगाया गया है, जिसे 1500 टन प्रतिदिन की क्षमता तक बढ़ाया जाएगा। साथ ही दो मोबाइल मलबा प्रबंधन यूनिट स्थापित करने की दिशा में कार्य हो रहा है। घरों से मलबा उठाने के लिए दो एजेंसियां एम्पैनल की हुई हैं।
इन्होंने किया स्वागत
इससे पहले मेयर मधु आजाद, सीनियर डिप्टी मेयर प्रमिला गजेसिंह कबलाना तथा डिप्टी मेयर सुनीता यादव ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। कार्यकारी अभिंयता सौरभ नैन, सहायक अभियंता कुलदीप सिंह, ठोस कचरा प्रबंधन एक्सपर्ट सोनिया दूहन तथा आईटी सलाहकार विनोद वर्मा इस दौरान उपस्थित थे।
प्रतिनिधिमंडल में यह रहे शामिल

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ढाका जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद नजरूल इस्लाम, बंदरबान शहर के मेयर मोहम्मद इस्लाम बेबी, नेत्रोकोना शहर के मेयर मोहम्मद नजरूल इस्लाम खान, गोपालगंज शहर के कार्यकारी अभियंता अबिनाश चन्द्र सरकार, जशोर शहर के कार्यकारी अभियंता एसएम शरीफ हसन, अकाऊंट ऑफिसर मोहम्मद अख्तर हुसैन, सचिव मोहम्मद अनवर कबीर, डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर एकेएम नाजिउल्लाह चौधरी, प्रोजेक्ट मैनेजर शमशुल इस्लाम, ग्लोबल कॉर्डिनेटर मोहम्मद नजरूल इस्लाम तथा जितेन्द्र प्रसाद वर्मा प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे।