स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

मानव तस्करों के चंगुल से निकलकर पहुंची घर, जानिए दर्दभरी कहानी खुद 'वीना' की जुबानी

Prateek Saini

Publish: Jul 27, 2019 22:58 PM | Updated: Jul 27, 2019 22:58 PM

Gurdaspur

Veena Bedi Gurdaspur: गुरदासपुर ( Gurdaspur ) की वीना बेदी की दर्दभरी कहानी ( Veena Bedi Life Story ) जानकर आप यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि किसी परिवार के साथ ऐसा भी हो सकता है?

(गुरदासपुर): विदेश में नौकरी के नाम पर मानव तस्करों के चंगुल में फंसी गुरदासपुर की वीना देवी घर वापस लौट आई। वीना शुक्रवार देर शाम को कुवैत से नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची। पंजाब स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी की मदद से शनिवार को वीना बेदी को पहले मोहाली फिर गृह जिला गुरदासपुर लाया गया।

 

Veena Bedi Gurdaspur

जानवारों जैसा होता था सलूक

वीना ने अपनी आप बीती सेक्रेटरी रूपिंदरजीत चहल को बताई। वीना बेदी के अनुसार गुरदासपुर के मुखत्यार सिंह नाम के एजेंट ने उसे कुवैत में वर्क परमिट का लालच देकर वहां भेजा था। महिला को पहले दुबई ले जाया गया, जहां से उसे कुवैत भेज दिया गया। कुवैत पहुंचने पर महिला को एक घर में कैद कर दिया गया। कुछ पूछने पर मारपीट की जाती। उससे वहां जबरन बंधुआ मजदूरों की तरह काम लिया गया। उसे न के बराबर खाना दिया जाता। महिला को भारत में अपने परिवार से संपर्क भी नहीं करने दिया जाता था।


पति का हाथ बटाने निकली, फंसी तस्करों के जाल में

वीना बेदी के बच्चे रोहित मोहित और स्मृति ने बताया कि उनके पिता सुरेंदर बेदी बिजली विभाग में नौकरी करते थे। कर्ज लेकर उन्होंने घर बनाया था। परिवार के खर्च के लिए पति का हाथ बटाने हेतु उनकी मां वीना ने विदेश में हाउसकीपिंग का काम करने के लिए विदेश जाने की सोची। अमृतसर के गांव खर्चिया के एक ट्रैवल एजेंट मुख्त्यार सिंह के जरिए जुलाई 2018 में कुवैत के लिए रवाना हुई। लेकिन केवल पहले महीने का वेतन भेजने के बाद ना तो पैसे आए और ना ही परिजनों की वीना से फोन पर बात हुई। काफी दिनों के इंतजार के बाद एक दिन 2 मिनट के लिए मां का फोन आया जिसमें उसने वतन वापसी का इंतजाम करने की बात कही।


सदमे से पती की हुई मौत

Veena Bedi Gurdaspur

पति सुरेंद्र बेदी ने पत्नी को वापस लाने के लिए ट्रैवल एजेंट से बात की और उसे वीणा को वापस लाने के लिए पैसे दिए। ट्रैवल एजेंट वीना को वापस नहीं ला सका। सदमे से सुरेंद्र कि 21 मई 2019 को हार्टअटैक से मौत हो गई।


बच्चों ने ठाना, मां को है घर लाना

पिता की मौत के बाद वीना के तीनों बच्चों ने मां को वापस वतन लाने की कवायद शुरू की। बच्चों ने लीगल सर्विस अथॉरिटी के समक्ष गुहार लगाई। संस्था की ओर से गुरदासपुर सांसद सनी देओल से संपर्क किया। सनी को पता चलने के बाद उन्होंने परिवार से मुलाकात की और वीना को जल्द घर लाने का आश्वासन दिया। लीगल सर्विस अथॉरिटी और सनी देओल ने कुवैत के 'शहीद भगत सिंह यूथ क्लब' और कुवैत में इंडियन एंबेसी के साथ संपर्क किया। इधर वीना बेदी के बच्चों की शिकायत पर विदेश भेजने वाले एजेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया। पुलिस ने एजेंट मुखत्यार सिंह को गिरफ्तार किया। इसके बाद महिला के बारे में जानकारी मिली। इंडियन एंबेसी ने 1200 दिनार देखकर बदमाशों से वीना को छुड़वाया। इसके बाद विदेश मंत्रालय की ओर से वीना को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हुई।


बच्चों को देख छलके आंसू

Veena Bedi Gurdaspur

शुक्रवार देर रात को वीना देवी नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची। शनिवार सुबह गुरदासपुर लीगल सर्विस अथॉरिटी की सेक्रेटरी वीना को लेने दिल्ली पहुंची। साथ में वीना के बच्चें भी मौजूद रहे। बच्चों व अन्य परिजनों को देखकर वीना के आंसू छलक पड़े। नई दिल्ली से वीना को शाम को मोहाली लाया गया, यहां से वह देर शाम गुरदासपुर पहुंची। उसका मेडिकल चेकअप करवाया गया।

पंजाब की ताजा ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

यह भी पढ़ें: जिस कुएं को बनाने के लिए लिया लोन, किसान ने उसी में कूदकर दी जान