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एक ऐसा गांव जहां आज भी मरीज को खटिया पर ले जाना पड़ता है अस्पताल

Amit Mishra

Publish: Sep 12, 2019 16:34 PM | Updated: Sep 12, 2019 16:34 PM

Guna


गांवों में विकास की पोल खोलती तस्वीर, अब भी कई गांव नहीं जुड़ सके सड़कों से

गुना/ बीनागंज। सरकार भले ही गांव में मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने करोड़ों रुपए खर्च कर रही है लेकिन फिर भी अंतिम छोर के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। यही कारण है कि आज भी ग्रामीण सड़क जैसी जरूरी सुविधा से वंचित बने हुए हैं। ताजा उदाहरण चांचौड़ा तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम घोलल्ला खेड़ा में सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक गांव में वर्षों से सड़क नहीं बनाई गई है। बारिश में मुख्य मार्ग दलदल में तब्दील हो गए हैं। स्थिति इतनी बुरी है कि गांव this village में यदि कोई बीमार patient हो जाए तो उसे खटिया cot पर रखकर ही अस्पताल hospital ले जाना पड़ता है।


बदहाल मार्ग की समस्या से गांव के बच्चे भी जूझ रहे हैं। वे कीचडय़ुक्त मार्ग से होकर प्रतिदिन स्कूल जाते हैं तो उन्हें जूते चप्पल भी उतारना पड़ते हैं। गांव वालों का कहना है कि बारिश में गांव के हालात नरक जैसे हो गए हैं। गांव की इस विकट समस्या से अधिकारियों को भी अवगत कराया लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ।

मधुसूदनगढ़ क्षेत्र में भी ऐसे ही हालात
सड़क न होने की गंभीर समस्या से मधुसूदनगढ़ क्षेत्र के कई गांव भी जूझ रहे हैं। ताजा मामला हाल ही में ग्राम रामहेड़ा में तब सामने आया जब एक युवक को करंट लगने के बाद खटिया पर रखकर एंबुलेंस तक ले जाया गया। मामला प्रकाश में आने के बाद भी न तो प्रशासन जागा और न ही क्षेत्र के नेता। संयोग से दोनों ही क्षेत्र चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र में आते हैं, जहां अब भी विकास की दरकार है।


हाथ में जूते मौजे लेकर निकलते हैं छात्र-छात्राएं
इसी तरह स्कूली छात्र-छात्राओं को हाथ में जूते मौजे लेकर रास्ता तय करना पड़ता है। लोगों ने बताया कि मार्ग ठीक नहीं होने से कई बच्चे आगे की पढ़ाई छोड़ देते हैं। स्थिति यह रहती है कि अगर जरूरी नहीं होता तो ग्रामीण दो से तीन महीने तक गांव से बाहर ही नहीं जाते। गांव में विकास नहीं होने से लोगों काफी नाराजगी व्याप्त है।