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गुनिया नदी साफ हो जाए तो अपने आप ही शहर हो जाएगा सुंदर और स्वच्छ

Manoj Vishwkarma

Publish: Nov 19, 2019 01:01 AM | Updated: Nov 18, 2019 23:23 PM

Guna

अनदेखी : जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

गुना. शहर के बीच से बह रही गुनिया नदी गंदगी और अतिक्रमण की चपेट में है। इस वजह से आधे से ज्यादा शहर गंदा नजर आ रहा है। चार दशक पहले स्वच्छ पानी के साथ बहने वाली यह नदी अब गंदे नाले का रूप ले चुकी है। एक समय जिन मंदिर घाटों पर पूजा होती थी, वहां अब पॉलीथिन और कचड़ा नजर आ रहा है। जगह-जगह रुका पानी इतना खतरनाक है कि शरीर से लगने पर इन्फेक्शन होने का भय बना हुआ है।

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सोमवार को पत्रिका ने शहर के राजनीतिज्ञ, एडवोकेट, समाजसेवी और पार्टियों के प्रतिनिधियों से बात की तो सभी ने कहा कि नदी को नाला बनने में नपा, प्रशासन और शहर के लोग जिम्मेदार हैं। प्रशासन और स्वच्छता दूत आगे आकर काम करे तो न केवल गुनिया नदी रिकवर हो सकती है, बल्कि शहर भी सुंदर दिखेगा, स्वच्छता रैकिंग के टॉप टेन में शामिल भी हो सकेगा। कब्जा करने वालों को भी सबक सिखाने की जरूरत है, ताकि आने वाले समय में लोग जल रेखाओं के अस्तित्व को न मिटा सकें।

इस एरिया में गंदगी

गुनिया नदी में गंदगी होने से आदर्श कालोनी, हनुमान कालोनी, छावड़ा कालोनी, घोसीपुरा, सैय्यपुरा, मुंंशीपुरा, पुरानी गल्ला मंडी, नदी मोहल्ला, जाट मोहल्ला, कर्नलगंज, कारीगर मोहल्ला, ईदगाहवाड़ी, लूशन का बगीचा, कालापाठा, पटेलनगर नगर और विवेक कालोनी बदरंग हैं। यहां के लोग बदबू और गंदगी से जूझ रहे हैं। बारिश थमते ही इस क्षेत्र में संक्रमण और बीमारी का खतरा बढ़ गया है। उधर, नदी को एक ओर जहां पाट दिया है, वहीं कई हिस्सों में निकलने रास्ता नहीं है। घोसीपुरा और छाबड़ा कालोनी के बीच लोगों ने निकलने खंभा डाल रखे हैं। यहां से निकलने में कई बार लोग गिर जाते हैं।

नदी को पाट दिया और बेच दिए भूखंड

गुनिया नदी पर ६६ बड़े अतिक्रमण के साथ सैकड़ों छोटे-छोटे अतिक्रमण है। नदी किनारे से अतिक्रमण हटाने के नाम विस्थापितों के लिए नई कालोनी बन गई, लेकिन नदी अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो सकी। लूशन का बगीचा और शिव कालोनी आते -आते अपना अस्तित्व ही खो चुकी है। ३० मीटर चौड़ाई में बहने वाली नदी को पांच फीट चौड़े नाले में सिमटा दिया। इतना ही नहीं जिन लोगों ने कब्जा किए हैं, वे प्रशासन को चुनौती देकर प्लाट बेच रहे हैं। इस पर कोई सख्ती नहीं हो सकी है।

प्रबुद्धजनों ने ये दिए सुझाव

-नदी के दोनों ओर रोड बनाकर रिकवर किया जा सकता है।
-जगह-जगह पार्किंग की जगह निकल सकती है।
-अतिक्रमण हटाकर पूरी तरह से साफ किया जाए।
-कब्जा करने वालों पर एफआईआर कर जेल भेजा जाए।
-प्रशासन सख्ती से काम करे, नागरिक उनके साथ हैं।
-सरकार अपने आधिपत्य में ले, काम करने फंड उपलब्ध कराए। प्लानिंग से काम किया जाए।

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