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क्षतिग्रस्त भवन में चल रहा टीबी अस्पताल, छत से टपक रहा पानी

Brajesh Kumar Tiwari

Publish: Sep 14, 2019 21:07 PM | Updated: Sep 14, 2019 21:07 PM

Guna

नई कलेक्ट्रेट छोड़ दर्जन भर से अधिक सरकारी विभागों के कार्यालय जर्जर भवनों में लंबे समय से चल रहे हैं। जिनके मेंटीनेंस के लिए सरकार प्रशासन को भारी भरकम बजट भी उपलब्ध करा रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी इन भवनों के मेंटीनेंस करने को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं। यही कारण है कि पुरानी कलेक्टे्रट से लेकर, शिक्षा विभाग व टीबी अस्पताल क्षतिग्रस्त भवन में संचालित है।

गुना. नई कलेक्ट्रेट छोड़ दर्जन भर से अधिक सरकारी विभागों के कार्यालय जर्जर भवनों में लंबे समय से चल रहे हैं। जिनके मेंटीनेंस के लिए सरकार प्रशासन को भारी भरकम बजट भी उपलब्ध करा रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी इन भवनों के मेंटीनेंस करने को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं। यही कारण है कि पुरानी कलेक्टे्रट से लेकर, शिक्षा विभाग व टीबी अस्पताल क्षतिग्रस्त भवन में संचालित है। जरा सी बारिश होने पर छत से इतना पानी टपकता है कि स्टाफ का काम करना मुश्किल हो रहा हेै। कर्मचारियों का कहना है कि वे कई बार लिखित व मौखिक रूप से आला अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। कक्षों में रखे जरूरी दस्तावेज से लेकर कम्प्यूटर व अन्य मशीनरी को पानी से बचाना मुश्किल हो रहा है। स्टाफ का कहना है कि इस तरह के हालात का सामना करते करते उन्हें दो माह बीत चुके हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने आज तक कोई कदम नहीं उठाया।
जानकारी के मुताबिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में स्थिति बीईओ कार्यालय की सबसे खराब हालत है। देखने पर यह भवन तो पक्का नजर आता है लेकिन बारिश होने पर इस भवन की हकीकत सामने आ जाती है। सभी कक्षों में इतना पानी टपकता है कि बरसाती डालकर कम्प्यूटर व कागजों को बचाना पड़ता है। स्टाफ को बैठने तो बिल्कुल भी जगह नहीं बचती। यहां के स्टाफ ने बताया कि वे इस तरह के हालातों का सामना कई सालों से कर रहे हैं। लेकिन भवन को दुरुस्त करने या मरम्मत के बारे में कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

टीबी अस्पताल के भवन को क्षतिग्रस्त घोषित कर छोड़ा:


टीबी अस्पताल पिछले लंबे समय से क्षतिग्रस्त भवन में संचालित है। जिसके कारण स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि प्रशासन द्वारा इस भवन को डिस्टमेंटल घोषित किए एक साल से ज्यादा समय हो चुका है लेकिन न तो भवन का मेंटीनेंस किया जा रहा है और न ही नए भवन का निर्माण शुरू हो रहा है। ऐसे में स्टाफ को सबसे अधिक परेशानी वर्षाकाल में आ रही है। अस्पताल में ऐसा कोई कक्ष नहीं है जहां पानी न टपक रहा है। अस्पताल के मेन गेट की चैनल बहुत पुरानी होने की वजह से टूट चुकी है। वर्तमान में यह हालत है कि चैनल को दोनों ओर से खींचने के लिए पूरा स्टाफ लग जाता है तब जाकर इसमें ताला लग पाता है। गौर करने वाली बात है कि बीते माह इस भवन की रंगाई पुताई करवा दी गई। जिस पर बड़ा बजट भी खर्च किया गया लेकिन भवन के लिए जरूरी मेंटीनेंस कार्य नहीं कराया गया। बारिश होने पर स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने टीबी अस्पताल भवन को डिस्मेंटल घोषित कर दिया है। इसलिए इसका मेंटीनेंस नहीं हो पा रहा है। अब तक नया भवन भी नहीं बन पाया है इसलिए यह परेशानी आ रही है।


डॉ आरएस राजपूत, डीटीओ