स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

हर घर में सर्दी, खांसी, जुकाम से पीडि़त

Brajesh Kumar Tiwari

Publish: Oct 05, 2019 21:47 PM | Updated: Oct 05, 2019 21:47 PM

Guna

बारिश थमते ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा

गुना. बारिश थमते ही जिले भर में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। जिससे हर घर में एक व्यक्ति सर्दी, जुुकाम, खांसी व बुखार से पीडि़त हो गया है। यही कारण है कि इन दिनों शहर सहित अंचल के सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की सं या काफी सं या देखी जा रही है। अस्पताल में मेडिकल वार्ड फुल हो गए हैं। लोगों को भर्ती होने पलंग तक नहीं मिल रहे हैं। मजबूरी में लोगों को फर्श पर लेटकर इलाज कराना पड़ रहा है।
दरअसल, बारिश थमते ही मौसम में आए अचानक बदलाव की वजह से मौसमी बीमारियां जैसे सर्दी, खांसी, जुकाम को प्रकोप बढ़ा है। विशेषज्ञ चिकित्सक के मुताबिक जिन लोगों की रोक प्रतिरोधक क्षमता कम है वे ज्यादातर इन बीमारियों से पीडि़त हो रहे हैं। इनमें बच्चों व वृद्धों की संख्या अधिक है। बीते 5 दिनों में जिला अस्पताल की ओपीडी का हाल देखें तो इस दौरान करीब 3 हजार लोग विभिन्न बीमारियों से पीडि़त होकर अस्पताल पहुंचे इनमें 40 प्रतिशत लोग मौसम बीमारियों से पीडि़त थे।


दूषित पानी और मच्छरों से फैल रही बीमारी


चिकित्सकों का मानना है कि दूषित पानी एवं मच्छरों के प्रकोप से बीमारियां बढ़ रही है। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में पहुंचने वाले कुल मरीजों में से सबसे ज्यादा मरीज मौसमी बीमारियों से पीडि़त सामने आ रहे हैं। इसके अलावा आर्थिक रूप से सक्षम मरीज निजी अस्पतालों में भी अपना इलाज करवा रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक के अनुसार वर्तमान में सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी से पीडि़त आ रहे हैं। क्योंकि बारिश थमने के बाद अचानक से मौमस में बदलाव आया है। जिससे लोग संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। यही कारण है कि लोगों को खांसी व बुखार आ रहा है, जो दवा लेने के बाद भी कई कई दिनों तक नहीं जा रहा है। इनमें से कुछ को डॉक्टर दवा देकर जांच कराने की बात कह रहे हैं तो वहीं कुछ का भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।

मरीजों से मेडिकल वार्ड भी हुआ फुल


मौसमी बीमारियों से पीडि़त मरीजों ने सरकारी अस्पतालों की ओपीडी के साथ साथ आईपीडी में मरीजों की सं या बढ़ा दी है। जिससे मेडिकल वार्ड ओवर लो हो गए हैं। अन्य मरीजों को भर्ती होने पलंग नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में कई मरीज पूरा इलाज कराए बगैर ही अस्पताल से जाने को मजबूर हैं।

जनता की जेब पर डाका


एक ओर जहां लोग मौसमी बीमारियों से परेशान हैं तो वहीं मरीजों की सख्ं या बढऩे से निजी चिकित्सक इलाज के नाम पर जनता की जेब पर डाका डाल रहे हैं। क्योंकि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर के न मिलने की स्थिति में लोग मजबूरीवश निजी चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हंै। इसी तरह गांव में भी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की वजह से लोग निजी डाक्टर के पास इलाज कराने को मजबूर हैं।

चिल्ड्रन वार्ड में भी बच्चों की संख्या बढ़ी


शिशु रोग विशेषज्ञ के अनुसार सामान्यत: मौसमी बीमारियों से ऐसे लोग ज्यादा पीडि़त होते हैं जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इनमें खासकर छोटे बच्चे व वृद्ध आते हैं। यही कारण है कि जिला अस्पताल सहित अंचल के अस्पतालों में चिल्ड्रन वार्ड में भी बच्चों की सं या बढ़ गई है। डॉक्टर ऐसे मरीजों को पानी को उबालकर पीने की सलाह दे रहे हैं।