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सिंध, पार्वती खतरे के निशान पर

Brajesh Kumar Tiwari

Publish: Aug 16, 2019 20:43 PM | Updated: Aug 16, 2019 20:43 PM

Guna

तीन दिन से प्रलयकारी बारिश जारी है। शुक्रवार को भी नदी-नाले उफान पर हैं और डेम ओपरफ्लो चल रहे हैं। शहर और गांव में जहां देखों पानी ही पानी नजर आ रहा है। लगातार बारिश से कई गांव टापू में भी बदल गए। गुना से फतेहगढ़ का रास्ता 24 घंटे से बंद है। भौंरा नदी को लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पार कर रहे हैं।

गुना. गुरुवार को भोपाल का मार्ग भी पूरी तरह बंद रहा। टेम नदी उफान पर आने से पुल का एक हिस्सा ही बह गया। मकरावदा डेम में मछली पकडऩे गए 5 मछुआरे भी पानी के चमेट में आए। 4 तैरकर बाहर आ गए, लेकिनएक अब भी लापता है, जिसकी तलाश की जा रही है। उधर, मौसम विभाग ने फिर से अलर्ट जारी किया है। गुना सहित कई हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। जबकि बीते दो दिन में ही पूरे सीजन की 20 प्रतिशत बारिश हो गई।

 


पांच बहे, एक लापता


म्याना थाना के ऊमरी चौकी अंतर्गत मकरावदा डेम पर बीते दिन पांच लोग मछली पकडऩे के लिए गए थे। रात्रि 8 बजे के आसपास उफनती नदी को भैरव घाटी के पास पार करते समय पांचों लोग बह गए। जिसमें चार किसी तरह तैर कर किनारे लगे। वही 1 व्यक्ति अभी भी लापता है। पुलिस और बचाव दल गोताखोरों की मदद से बहे हुए व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उसका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। बहने वाले सुरेश कोरी पुत्र भाग चंद्र कोरी पुरानी छावनी गुना बताया गया है।

 


सड़क का एक हिस्सा पानी में बहा, रास्ता बंद

 

मधुसूदनगढ़. तहसील से भोपाल के मध्य 20 किमी दूर ग्राम गुंजारी की टेम नदी उफान पर होने से रपटा पूरी तरह जलमग्न रहा।सड़क का एक हिस्सा बहकर नदी की ओर चला गया, जिसके चलते वाहनों को निकालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गुरुवार सुबह से ही वाहन दोनों ओर खड़े रहे। यात्री बसों में ही घंटों फंसी हैं। सिरोंज-लटेरी को जोडऩे वाला मुख्य राष्ट्रीय मार्ग पर चंदेरी नदी भी अपने विकराल रूप में है, जिसके चलते सुबह 7 बजे से ही यात्री बसों सहित ग्रामीण पानी उतरने का इंतजार करते नजर आए, लेकिन देर शाम तक नदी का पानी पुल पर रहा। मधुसूदनगढ़ से 5 किमी दूर राजीव सागर बांध के सभी गेट खोल दिए। त्यौहार का दिन होने के चलते यात्री बसों के मुसाफिरों को घंटों इंतजार के साथ बसें भी नहीं मिल पाई। मधुसूदनगढ़ से भोपाल इंदौर गुना ब्यावरा लटेरी सिरोंज बासौदा के लिए लगभग 100 बसें प्रतिदिन यहां से गुजरती हैं लेकिन भारी बारिश के चलते बस ब्यावरा और गुना की ओर ही चल पाईं। इस वजह से लोगों को काफी असुविधा हुई।

 


एनीकट पूरी तरह डूब, 32 फीट ऊंचाई तक बह रही सिंध


सिंध नदी से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। गुना-अशोकनगर मार्ग स्थित सिंध नदी पर नपा ने 9 मीटर ऊंचा यानी 27 फीट ऊंचाई वाला एनीकट बनाया है। यह पूरी तरह पानी में डूबा है। एनीकट के ऊपर भी करीब 5 फीट पानी बह रहा है। नदी में बड़े बड़े पेड़ कचरे की तरह बह रहे हैं। दूसरे दिन में मंदिर पानी से घिरा है। यह स्थिति 2011 के बाद दूसरी बार बनी है। स्टीमर की मदद से जिस मंदिर में से 8 साल पहले एक पुजारी को बचाया था, उसमें फिर से पुजारी फंसा रहा।

 

 

नाले में बहे व्यक्ति का भी नहीं पता


उधर, बागेरी और नोनेरा के बीच उफनते नाले में बहे व्यक्ति का भी दूसरे दिन पता नहीं चल सका। तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव ने बताया, नोनेरा निवासी रमेश सहरिया (52) की बहने की जानकारी मिली थी। उसकी तलाश की गई, लेकिन अब तक उसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। लोगों ने बताया, नाला उफान पर था। लोगों के मना करने पर भी वह उसे पार करने लगा और पानी के बहाव में वह संभल नहीं सका। उसे तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उसकी जानकारी नहीं लग सकी।