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Arbitrary निजी दुकानदार किसानों से वसूल रहे सरकारी रेट से ज्यादा दाम, मॉनीटरिंग के नहीं इंतजाम

Manoj Vishwkarma

Publish: Nov 07, 2019 02:04 AM | Updated: Nov 06, 2019 23:32 PM

Guna

समस्या: खुले बाजार में डीएपी व यूरिया खाद विक्रय का मामला

गुना. किसान रबी फसल की तैयारी में लगे हैं। उन्हें स्थानीय स्तर पर खाद आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रही है। नतीजतन 50 से 60 किमी की यात्रा कर जिला मुख्यालय आना पड़ रहा है। यहां भी खाद वितरण के सरकारी इंतजाम नाकाफी होने के कारण खुले बाजार से खाद खरीदनी पड़ रही है। निजी दुकानदार सरकारी रेट से ज्यादा कीमत में खाद बेच रहे हैं। कई किसानों को पक्का बिल भी नहीं दिया जा रहा। कुल मिलाकर खाद का पर्याप्त भंडारण व वितरण के समुचित इंतजामों के प्रशासनिक दावे कमजोर नजर आ रहे हैं।

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कृषि विभाग के मुताबिक डीएपी खाद का सरकारी रेट 1200 रुपए जबकि यूरिया का दाम 270 रुपए है। विभाग का दावा है कि खुले बाजार में भी इसी रेट पर खाद मिल रही है। पत्रिका ने जब इसकी पड़ताल करने पुराना गल्ली मंडी परिसर में जाकर कई किसानों से बातचीत की तो सामने आया कि यहां स्थित निजी दुकानदार किसानों को एक ही खाद अलग अलग रेट में बेच रहे ैैहैं। किसान ने बताया कि उन्होंने डीएपी खाद का कट्टा 1220 रुपए में जबकि यूरिया 300 रुपए का दिया गया है। यही नहीं उन्हें पक्का बिल भी नहीं दिया गया है। इसके बाद एमपी एग्रो के सरकारी गोदाम पर जाकर खाद की रेट पत्रिका टीम ने पूछी तो बताया गया कि यहां डीएपी 1205 तथा यूरिया 270 रुपए का मिल रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक किसानों को खाद लेने में किसी तरह की परेशानी न आए इसी वजह से प्रशासन ने इस बार सहकारी समितियों के अलावा खुले बाजार में निजी बड़े दुकानदारों को वितरण के लिए खाद उपलब्ध कराया गया है। लेकिन उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि वे सरकारी निर्धारित रेट से अधिक कीमत में खाद नहीं बेच सकते हैं। यही नहीं बिना आधार कार्ड के किसी को भी यह खाद नहीं दिया जाएगा। कालाबाजारी रोकने के लिए एक आईडी पर 12 खाद के कट्टे ही दिए जाने का प्रावधान है।

इसलिए गांव से आना पड़ा शहर

जिला मुख्यालय पर खाद लेने आए किसानों से पत्रिका ने जानना चाहा कि प्रशासन ने जब प्रत्येक गांव की सहकारी समिति पर खाद वितरण की व्यवस्था बनाई है तो फिर उन्हें यहां क्यों आना पड़ रहा है। इसके जवाब में किसानों का कहना था कि वहां सिर्फ उन्हीं किसानों को खाद मिलता है जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड या खेत की किताब हो। ब्लॉक लेवल पर निजी दुकानों पर खाद नहीं मिलने की वजह से किसानों को मुख्यालय आना पड़ रहा है।

इनका कहना है

डीएपी खाद की सरकारी रेट वर्तमान में 1200 रुपए जबकि यूरिया की 270 है। यदि बाजार में दुकानदार रेट से ज्यादा कीमत ले रहे हैं तो दिखवाएंगे।

अशोक उपाध्याय, उपसंचालक कृषि

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