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Ration can be snatched: 40 हजार गरीब परिवारों से छिन सकता है राशन, होगी मुश्किल

Manoj Vishwkarma

Publish: Nov 17, 2019 02:02 AM | Updated: Nov 16, 2019 23:13 PM

Guna

सत्यापन के बाद नाम काटने के लिए १८ नवंबर से चलेगा विशेष अभियान

गुना. दो लाख गरीब परिवारों में से २० प्रतिशत का राशन हमेशा के लिए छीनने की तैयारी प्रशासन स्तर पर हो गई है। इसकी शुरुआत के लिए १८ नवंबर से एक अभियान चलाया जाएगा। इसमें गरीबों का घर-घर जाकर सत्यापन होगा। उन पर यदि पक्का मकान या ट्रेक्टर आदि हुआ तो उनको मिलने वाली खाद्य सामग्री बंद हो जाएगी। इसके सत्यापन के लिए गुना में १०१८ दल बनाए हैं। जो एम-राशन एप के जरिए परिवारों का भौतिक सत्यापन कर मौके पर ही जानकारी एप पर अपलोड करेंगे।

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ये अभियान १८ नवंबर से शुरू होकर २० दिसंबर तक जारी रहेगा। इस अभियान के चालू होते ही कई गरीबों को राशन से वंचित होना पड़ सकता है। दरअसल, पहले से ही १० से १५ प्रतिशत परिवारों को हर महीने राशन के लिए भटकना पड़ता है। आनलाइन राशन वितरण की व्यवस्था के चलते कई गरीब राशन लेने से वंचित हो गए। उनको समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है।

40 हजार परिवारों को हटाने का लक्ष्य

सूत्रों ने बताया, इस अभियान के जरिए करीब ४० हजार परिवारों का हटाने का लक्ष्य है। इस अभियान से ४० से लेकर ४६ हजार परिवारों के नाम कट सकते हैं। इसकी जिम्मेदारी पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को सौंपी है। इसके अलावा पर्यवेक्षक भी बनाए हैं। नाम काटने की सूची जारी होगी। सूची से नाम हटाने के बाद परिवार अपना दावा-आपत्ति कर सकेंगे।

कई फर्जी गरीब बने

दरअसल, जिले में हर साल गरीबों की संख्या बढ़ रही है। लोक कल्याण शिविरों में कई आवेदन आए और अब आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रमों में भी बीपीएल राशन के लिए आवेदन आ रहे हैं। २५ हजार परिवार ऐसे हैं, जो गरीबों की पात्रता में आते हैं, लेकिन उनके नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए। अब तक १.९५ लाख परिवार ही गरीबों की सूची में हैं। गरीबों की संख्या पर अंकुश लगाने और फर्जी गरीबों को सूची से बाहर करने ये अभियान चलेगा। इस अभियान में वास्तविक गरीबों के राशन पर भी संकट मंडरा रहा है। जबकि फर्जी गरीब शासन की योजनाओं से लेकर विभिन्न सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं और जो गरीब हैं, वे विभागों के चक्कर काट रहे हैं।

इन पांच बिंदुओं पर होगा सत्यापन

गरीबों की पर्ची देखी जाएंगी और उनको कितनी मात्रा में अनाज मिल रहा है। सदस्यों की संख्या। घटे या बढ़े। आवास का सत्यापन, कैसा मकान है। किस योजना में मकान मिला। उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है। उनके पास वाहन हैं या उनके पास क्या सुविधाएं हैं। इन सबकी जानकारी दल का दूसरा सदस्य एम राशन मित्र एप पर अपलोड करता जाएगा। इसके अलावा जो डाटा तैयार होगा। उसकी रेंडम आधार पर चेक किया जाएगा। अपात्र परिवारों की सूची सीएमओ और सीईओ द्वारा प्रकाशित कराई जाएगी।

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