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पुल पर पानी होने पर भी निकाल रहे वाहन दुकानों में भरा पानी, स्कूलों की हुई छुट्टी

Manoj Vishwkarma

Publish: Sep 14, 2019 02:02 AM | Updated: Sep 13, 2019 23:17 PM

Guna

हादसों से नहीं लिद्घया सबक: सितंबर में लगी सावन जैसी झड़ी

गुना. तीन दिन से सावन की तरह पानी की झड़ी लगी है। इससे नदी, नाले उफान पर रहे। शुक्रवार को भी धरनावदा, मधुसूदनगढ़, झागर और फतेहगढ़ का सड़क संपर्क टूट गया। फतेहगढ़ स्टेट हाईवे दो दिन से बंद है। पुल पर पानी होने पर भी चालक वाहन निकाल रहे हैं। बांधों में क्षमता से अधिक पानी भरने और लगातार बारिश से आसपास के गांवों में भी खतरा बना हुआ है।

शिक्षा विभाग ने स्कूलों में दो दिन की छुट्टी कर दी है। झमाझम बारिश से जहां सड़क संपर्क कटा रहा, वहीं कच्चे मकानों के लिए बारिश आफत बन गई है। बमोरी, विजयपुर, धरनावदा, म्याना और आरोन समेत कई जगह मकान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। बीते दो दिन से लगातार भारी बारिश होने के कारण कई क्षेत्रों के नदी, नाले उफान पर हैं। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल शिक्षा विभाग के बाद कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार द्वारा जिले में संचालित कक्षा एक से 12वीं तक के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। डीईओ आरएल उपाध्याय केअनुसार, अवकाश शासकीय, अशासकीय के अलावा अनुदान प्राप्त एवं सीबीएसई से संबंधित स्कूलों में 13 और 14 सितंबर का अवकाश रहेगा। कलेक्टर ने इस साल पहली बार छुट्टी की है।

जिले में 1351.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज

बीते 24 घंटे में १०० मिलीमीटर से अधिक औसत वर्षा हुई। अब तक 1351.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। जो कि सामान्य वर्षा का 128.3 प्रतिशत है। अधीक्षक भू-अभिलेख एके जैन के अनुसार, गुना तहसील में 1415.7 मिमी, बमौरी में 1385, आरोन में 1248, राघौगढ़ में 1395, चांचौड़ा में 1193 और कुंभराज में 1470.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। गुरुवार को सुबह ८ बजे तक गुना में 69.2 मिमी, बमोरी में 43, आरोन में 52, राघौगढ़ में 60, चांचौड़ा में 76 और कुंभराज में 64 मिमी वर्षा दर्ज की।

फसलों को भारी नुकसान

क्षेत्र के किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। बंपर पैदावार की उ मीद में बैठे किसानों के सामने ही फसल पानी से गल गई है। आरोन, चांचौड़ा, गुना तहसील सहित पूरे जिले में नुकसान हुआ है। गुना तहसील में ४ हजार हेक्टेयर की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। जिले में करीब २० हजार हेक्टेयर फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। पानी नहीं रुकने से सर्वे नहीं हो पाया है। प्रारंभिक सर्वे में करीब २० से २५ हजार हेक्टेयर में नुकसान हुआ है।

दुकानों में भरा पानी, निकलना मुश्किल

बीनागंज. चांचौड़ा क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त है। घरों में पानी घुस जाने से लोग परेशान हैं। रातभर बैठ कर समय गुजारने मजबूर हैं। पार्वती नदी के दोनों ओर स्थित ग्रामों एक दूसरे से संपर्क टूट गया है। लोग दोनों तरफ फंसे हुए हैं। पुरानीगंज में मोटा प्रजापति का मकान गिर गया। चांचौड़ा रोड की दुकानों में पानी भर गया। उधर, एक मकान रुठियाई में पुरुषोत्तम धाकड़ का भी गिर गया है। इसी तरह कई जगह नुकसान हुआ है।

इन नदियों के उफान से ये क्षेत्र प्रभावित

पार्वती: यह नदी दो दिन से उफान पर है। मधुसूदनगढ़, चांचौड़ा, कुंभराज और धरनावदा क्षेत्र प्रभावित है। राजस्थान मार्ग का पुल पानी में डूबा हुआ है।

टेम नदी: मधुसूदनगढ़ क्षेत्र की यह नदी उफान पर है। इससे भोपाल का मार्ग बंद है।

चंदेरी नदी: मधुसूदनगढ़ मार्ग की चंदेरी और गुंजारी नदी उफान हैं। दिनभर वाहन रोड पर फंस रहे। चंदेरी नदी पर हादसा होने से खतरनाक है।

भौंरा नदी: बमोरी क्षेत्र की प्रमुख नदी के अलावा बरसाती, झागर और मगरोडा नदी भी उफान पर है। पूरे क्षेत्र छोटे छोटे टापू में बदल गया है। दो दिन से मार्ग बंद है। वाहन चालक पानी में से ही निकल रहे हैं। सिंध नदी में पानी ज्यादा आने से क्षेत्र में खतरा बना है।