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Raid on illegal storage: बटावदा गांव में बड़ी मात्रा में मिला डीजल, खाद्यान्न और खाद-बीज

Manoj Vishwkarma

Publish: Nov 07, 2019 08:02 AM | Updated: Nov 06, 2019 23:03 PM

Guna

अवैध भंडारण पर छापा

गुना/बीनागंज. चांचौड़ा तहसील के बटावदा गांव में प्रशासन की टीम ने छापा मारकर अवैध भंडारण जब्त किया है। एसडीएम राजीव समाधिया के नेतृत्व में पांच विभागों की टीम ने छापा मारा। गांव में दो जगह से पीडीएस के गेहूं के साथ डेढ़ हजार लीटर डीजल, यूरिया, सोयाबीन सहित बड़ी मात्रा में रखा अवैध रूप से अनाज के भंडारण को जब्त किया है। दरअसल, कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार को अवैध भंडारण की शिकायत मिली थी।

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टीम ने बटावदा गांव में बंद्री विशाल धाकड़ की दुकान पर छापा मारा। यहां से अवैध रूप से रखा पीडीएस का गेहूं ६८१ बोरी, चावल, चना का अनाधिकृत रूप से भंडारण पाया गया। दुकान में १२०० रुपए डीजल का अवैध भंडारण मिला। दुकान में अवैध रूप से बिना किसी लाइसेंस के ६०० बोरी यूरिया, १०८ सुपर फास्फेट, ५३ बोरी डीएपी मिला, जिसे जब्त कर लियाह ै। दुकान में १००० बोरी सोयाबीन, महुआ फूल २०० बोरा, धनिया २५० बोरी, सरसों ५० बोरा, ७५ बोरा मक्का, २० बोरा चना मिला है। इस दौरान तहसीलदार सुधीर कुशवाह, कुंभराज तहसीलदार अतुल शर्मा, डीडीए अशोक उपाध्याय, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी चांचौड़ा डीएस कुशवाह, बीनागंज मंडी सचिव एसएन शर्मा, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आशीष चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।


दूसरी दुकान से भी मिला सामान

एक अन्य दुकानदार रमेशचंद्र बंद्रीलाल की दुकान का भी निरीक्षण किया गया। इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली का गेहूं ४५ बोरी, चना २४ बोरी, डीजल ६५० लीटर, पेट्रोल ३०-३५ लीटर अवैध रूप से भंडारण पाया गया। इसके अलावा अवैध रूप से बिना किसी लाइसेंस के २०० बोरी यूरिया, १२५ बेारी डीएपी,, ४० बोरी सुपर फास्फेट, भारी मात्रा में कीटनाशक मिला। दुकान में ५०० क्विंटल सोयाबीन, २४ बोरी चना, ४५ बोरा गेहूं का भंडारा मिला।

इधर, एबी रोड पर धनिया से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, बड़ा हादसा टला

गुना. एबी रोड पर बुधवार की शाम धनिया से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई। जिससे ट्रॉली में भरी धनियां की बोरियां सड़क पर गिर गई। घटना का सुखद पहलु रहा कि ट्रॉली पलटने के दौरान इसकी चपेट में कोई वाहन चालक नहीं आया, अन्यथा यह बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि वैसे तो ट्रैफिक पुलिस बाइक पर बैठे तीन लोगों को हाल ही पकड़ लेती हैं लेकिन ट्रैक्टर ट्रॉली इतनी ओवर लोड होने के बाद भी क्यों नहीं पकड़ी गई। यही नहीं रास्ते में चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस का कार्यालय भी है फिर भी ओवर लोड वाहन का निकलना पुलिस की मंशा पर सवाल उठा रहा है।

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