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People craving for amenities: न कॉलोनी हुईं वैध और न ही कॉलोनाइजर पर केस, सुविधाओं के लिए तरस रहे लोग

Manoj Vishwkarma

Publish: Nov 14, 2019 02:01 AM | Updated: Nov 13, 2019 23:31 PM

Guna

विकास कार्य न होने से समस्या

गुना. शहर के अधिकांश वार्डवासी पिछले काफी समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। लेकिन उनकी सुनवाई न तो जनप्रतिनिधि कर रहे हैं और न ही प्रशासनिक अधिकारी इसे गंभीरता से ले रहे हंै। वार्डों में व्याप्त समस्याओं व सुविधाओं के अभाव का मुख्य कारण अवैध कॉलोनियां हैं, जो साल दर साल बढ़ती चली जा रही हैं लेकिन नगर पालिका व प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिसका खामियाजा आम जनता को सड़क, बिजली, पानी, नाली निर्माण न होने के रूप में झेलना पड़ रहा है।

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भुजरिया तालाब में अवैध कॉलोनियों के बनने का क्रम जारी है, रातों रात बगैर अनुमति के पार बनाने और सड़क बनाने का काम शुरू हुआ जो तेज हो गया है। यहां बता दें कि शिवराज सिंह सरकार के समय कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। स्थानीय प्रशासन व नगरीय निकाय हरकत में भी आ गई थी। अवैध कॉलोनियों का सर्वे कराकर 79 कॉलोनियों को चिन्हित कर इनके नाम का प्र्रस्ताव भोपाल भेजा गया था, लेकिन फिर मामला न्यायालयीन प्रक्रिया में उलझ गया।

अवैध कॉलोनी बनाने वाले कॉलोनाइजर को भी अभयदान: शहर को मिनी स्मार्ट सिटी बनाने का दावा करने वाली सरकार अवैध कॉलोनाइजर को अभयदान दे रही है। यही कारण है कि हाल ही में प्रशासन ने अवैध कॉलोनाइजर को चिन्हित कर एफआईआर कराने की कार्रवाई के आदेश दिए लेकिन पुलिस व प्रशासन की कागजी कार्रवाई में दोषी कॉलोनाइजर को अभयदान मिल गया।

इन सुविधाओं का अभाव

नगर पालिका से मिली जानकारी के मुताबिक वे सभी कॉलोनी अवैध हैं जिनके कॉलोनाइजर ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से विधिवत अनुमति नहीं ली है और न उक्त भूमि का डायवर्सन कराया है। इस गाइड लाइन के तहत शहर की एक सैकड़ा से अधिक कॉलोनी अवैध की श्रेणी में आ रही हैं। लेकिन नपा ने विकास कार्य कराने के मामले में कई कॉलोनियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया है। यही कारण है कि नगर के विभिन्न वार्डों में ऐसी कई कॉलोनी हैं जो अवैध हैं फिर भी वहां नपा ने सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई हैं जबकि कुछ कॉलोनियां जो शहरी इलाके से कुछ दूर हैं वहां न तो सड़क है और न ही बिजली के खंभे। यही नहीं पेयजल के इंतजाम भी नहीं किए हैं। नालियां न बनाए जाने से आम रास्ते कीचड़ में तब्दील हैं। बारिश के दिनों में तो इन कॉलोनीवासियों को घर से निकलना भी बड़ा मुश्किलहो जाता है।

भुजरिया तालाब में रातों रात शुरू काम

भुजरिया तालाब जिसको सौन्दर्यीकरण के नाम पर लंबे समय से समाजसेवी और प्रशासन द्वारा काम कराया जा रहा है। भुजरिया तालाब में पट्टे की भूमि है, जिसको दूसरी जगह विस्थापित करने की तैयारी चल रही है। इसी बीच वहां कुछ दबंग व प्रभावशाली लोगों द्वारा पट्टे और डूबत की भूमि बताकर प्लाटिंग की अब उसको औने-पौने भाव में बेचा जा रहा है। इसी बीच वहां एक प्रभावशाली द्वारा कॉलोनी बनाने के लिए सड़क बनाने का काम जेसीबी मशीन से करवाया जा रहा है। जिसके बारे में पत्रिका ने पूछा तो उक्त प्रभावशाली के कारिंदों का कहना था कि सड़क नहीं पार बनवाने का काम चल रहा है। जिसकी शिकायत हुई, लेकिन उस शिकायत पर अभी तक प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

इनका कहना है

हमारी कॉलोनी बहुत पुरानी है। लेकिन यहां न तो सड़क है और न ही बिजली के खंभे। नाली न होने से घरों के चारों तरफ गंदा पानी जमा हो रहा है। बारिश में तो घर से भी नहीं निकल पाते हैं।

उमेश शर्मा, नजूल कॉलोनी

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