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नगर पालिका ने नए सुविधाघर बनाए नहीं, जो थे उन पर हो गया कब्जा

Manoj Vishwkarma

Publish: Oct 20, 2019 02:02 AM | Updated: Oct 19, 2019 22:42 PM

Guna

पत्रिका लगातार : महिलाओं को परेशानी, जिम्मेदार कर रहे किनारा

गुना. शहर के मुख्य बाजार से लेकर तंग गलियों में चार-चार मंजिला कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स बन गए। १० साल के भीतर ही बाजार का विस्तार करीब दोगुना हो गया है और हर दिन हजारों लोग बाजार पहुंच रहे हैं। लेकिन नगर पालिका परिषद ने सुविधाओं का विस्तार नहीं किया। बाजार में जहां सार्वजनिक टॉयलेट थे, उन पर कहीं कब्जे हैं तो कहीं लोगों ने गलियों में दीवार खड़ी कर बंद करा दिए। इस वजह से सार्वजनिक सुविधाघर कागजों में दफन हो गए। फलस्वरूप बाजार में जाने वाले ग्राहकों खासकर महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करनापड़ रहा है।

हद तो यह है कि ३७ वार्डों की नगर पालिका परिषद में २० महिला पार्षद हैं। इसके बाद भी शहर में महिलाओं के लिए सुविधाएं नहीं हैं। खासकर, बस स्टैंड क्षेत्र को छोड़कर सदर बाजार, निचला बाजार, हाट रोड जैसे क्षेत्रों में महिलाएं परेशान हैं। इन क्षेत्रों में प्रतिदिन हजारों महिलाएं खरीदारी करने के लिए आती हैं, लेकिन उन्हें सुविधाएं देने के लिए न तो व्यापारियों ने जागरूकता दिखाई और न ही नपा प्रशासन ने। हैरानी की बात यह है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कभी चर्चा ही नहीं की गई। नए सुविधाघर बनाने की बात तो दूर, पूर्व में बने सुविधाघरों को भी नहीं बचाया जा सका। नीचला बाजार क्षेत्र में कई वर्षों सुविधाघर था, जिसमें महिलाओं के लिए भी सुविधा थी। आसपास के दुकानदारों ने इस पर भी अतिक्रमण करते हुए अस्तित्व ही समाप्त कर दिया। इसके आगे पुलिया के समीप बने सुलभ शौचालय में भी गंदगी की वजह से लोग इसका उपयोग नहीं कर पाते हैं। पोस्ट ऑफिस से गायत्री मंदिर चौराहे तक भी प्रसाधन के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। इतना ही नहीं संजय स्टेडियम जैसे बड़े खेल प्रशाल में भी विशेषकर महिलाओं की सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा गया है। कुछ ऐसे ही हालात शहर के अन्य व्यस्ततम क्षेत्रों पुरानी गल्ला मंडी प्रांगण, एबी रोड और बापू पार्क कॉम्पलेक्स के भी हैं। जहां रोजाना भीड़-भाड़ रहती है, लेकिन महिलाओं के लिए सुविधाओं का इन स्थानों पर खासा अभाव है।

इन बाजारों में नहीं पब्लिक टॉयलेट

सदर बाजार, प्रकाश टॉकीज गली, सौलत गली, हनुमान गली, अनराधा गली, निचला बाजार, रपटा, सराफा बाजार, बताशा गली, नई सड़क, सत्य नारायण मंदिर गली, हाट गली आदि में पब्लिक टॉयलेट नहीं हैं। यहां पर हर दिन हजारों लोग बाजार में पहुंचते हैं। सिर्फ बस स्टैंड क्षेत्र और पुरानी कलेक्ट्रेट में सुलभ शौचालय उपलब्ध है। इसके बाद प्रसाधन का हर जगह अभाव है।

यहां से गायब हो गए पब्लिक टॉयलेट

मुख्य बाजार में अतिक्रमण पैर पसार रहा है। सुगन चौराहा के पास से टायलेट गायब हो गया है। टॉयलेट की जगह दीवार खड़ी है। इसी तरह दूसरी गलियों से भी टायलेट गायब हैं। नीचला बाजार स्थित पब्लिक टॉयलेट का ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया और उस पर अतिक्रमण हो गया। यहां चलित टायलेट रखा है, लेकिन उसका रखरखाब नहीं किया। कोतवाली गली का टॉयलेट व्यापारियों की पहल से बच पाया। लेकिन इसे भी सिर्फ पुरुष इस्तेमाल कर रहे हैं।