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किशोरी को खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले मां-बेटे को कठोर कारावास

Narendra Kushwah

Publish: Nov 08, 2019 13:23 PM | Updated: Nov 08, 2019 13:23 PM

Guna

चूहा मार दवा के सेवन से हो गई थी मौत

गुना. विशेष न्यायालय (पॉक्सो) गुना शशिकांत वैश्य की अदालत ने थाना केन्ट के वर्ष 2014 के किशोरी के साथ दुष्कर्म व उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के अपराध में मां-बेटे को कारावास व जुर्माने के दण्ड से दण्डित किया है।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ प्रदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि 23 दिसंबर 2014 को थाना केन्ट को जिला चिकित्सालय गुना से तहरीर प्राप्त हुई कि एक 15 साल की किशोरी द्वारा चूहा मारने की दवा खा लेने के उपचार के लिए बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल गुना में भर्ती किया गया है, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी।
उक्त सूचना पर से थाना केंट ने मर्ग कायम कर जांच में लिया।

पुलिस में रिपोर्ट न करना बताया

विवेचना उपरांत मृतिका किशोरी की मां आशादेवी, भाई यश, मौसी ज्योति के कथन लिए। कथन में आया कि किशोरी के स्कूल जाते समय मोहल्ले का चेतन केवट उसे परेशान करता था उसके साथ छेड़छाड़ करता था। किशोरी को आरोपी चेतन की मां बबिता ने उसकी मृत्यु के दो दिन पहले अपने घर बुलाया था व उसे प्रताडि़त किया। यही नहीं पूर्व में बदनामी होने की वजह से पुलिस में रिपोर्ट न करना बताया।

विशेष न्यायालय पॉक्सो में पेश किया

जांच में यह तथ्य भी आया कि किशोरी ने चेतन व उसकी माँ बबिता द्वारा प्रताडि़त व आत्महत्या के लिए मजबूर करने के कारण उसने जहरीला पदार्थ खा कर आत्महत्या कर ली है। उक्त जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपीगण के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना के पश्चात अभियोग पत्र विशेष न्यायालय पॉक्सो में पेश किया।

 

अपने घर के दरवाजे पर खड़े थे
प्रकरण में जिला अभियोजन अधिकारी रविकांत दुबे व वरिष्ठ एडीपीओ ममता दीक्षित ने अभियोजन का संचालन किया। जिला अभियोजन अधिकारी दुबे ने विधिक तर्कों के साथ मृतिका किशोरी के भाई यश के कथन से यह तथ्य न्यायालय में प्रमुखता से साबित किया कि मृतिका अपने भाई यश के साथ स्कूल से पेपर देकर लौट रही थी, रास्ते मे बबिता व चेतन अपने घर के दरवाजे पर खड़े थे।

चांटे मारे व उसके साथ छेड़छाड़ की

बबिता मृतिका किशोरी का हाथ पकड़कर घर के अंदर ले गई। 10-15 मिनिट बाद किशोरी बाहर निकली और घर जाकर उल्टियां करने लगी। पूछने पर उसने अपने भाई यश को बताया कि बबिता ने घर के अंदर उसे गालियां दीं, चांटे मारे व उसके साथ छेड़छाड़ की। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, गवाह व विधिक दलीलों से सहमत होते हुए आरोपी चेतन (23) उर्फ छोटू पुत्र देवेंद्र केवट व उसकी मां बबिता (40)पत्नी देवेंद्र केवट निवासी बरवटपुरा थाना केन्ट को धारा 305 में दस-दस वर्ष का कठोर कारावास व कुल बीस हजार रुपए जुर्माने के दण्ड से दण्डित किया है।

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