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मंत्री इमरती देवी का दावा, ज्योतिरादित्य सिंधिया ही बनेंगे प्रदेश अध्यक्ष

Muneshwar Kumar

Publish: Oct 19, 2019 16:21 PM | Updated: Oct 19, 2019 16:21 PM

Guna

स्टार प्रचारकों की सूची में था ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम, फिर भी झाबुआ से खुद को रखे हैं दूर

गुना/ ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी से खफा हैं। झाबुआ उपचुनाव से भी दूरी बनाए हुए हैं। वो भी तब जब स्टार प्रचारकों की सूची में उनका नाम है। सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह समेत सरकार के कई मंत्री वहां प्रचार के लिए जा रहे हैं। लेकिन सिंधिया इससे दूर है। हालांकि वो मध्यप्रदेश में ही रहकर किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं।


दरअसल, सिंधिया के समर्थक मंत्री और कार्यकर्ता पूर्व में भी यह मांग करते रहे हैं कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाए। इसके लिए उनके समर्थक सड़क पर भी उतर आए थे और जगह-जगह पोस्टर लगाने लगे थे। विवाद दिल्ली तक पहुंचा तो सब शांत पड़ गए। उसके बाद सिंधिया फिर से मध्यप्रदेश में एक्टिव हो गए और किसानों के मुद्दों को लेकर सीएम कमलनाथ से भी मुलाकात की।

महाराज ही बनेंगे अध्यक्ष
वहीं, गुना में मंत्री इमरती देवी ने एक बार फिर से ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कार्यकर्ताओं की उम्मीद पूरी होगी। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के अध्यक्ष महाराज ही बनेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस की है और उन्हें जरूर कोई न कोई पद मिलेगा। उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा। गौरतलब है कि इमरती देवी ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे की ही मंत्री हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार पर भी बोलीं
इमरती देवी ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी बोलीं। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार होना चाहिए। लेकिन ये फैसला बड़े नेताओं को लेना है। उन्होंने अधिकारियों द्वारा कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं करने पर कहा कि इसीलिए मैं मीटिंग बुलाई है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से आज मैं मिलूंगी भी। इमरती देवी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव को लेकर पूरी तैयारी है, आप नतीजे आने के बाद देख लेना।

सिंधिया चल रहे हैं नाराज
मध्यप्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर है। सिंधिया लगातार नाराज चल रहे हैं। वह मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों का दौरा लगातार कर रहे हैं। उन्होंने पिछले दिनों किसान कर्जमाफी को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि कर्जमाफी में सिर्फ पचास हजार रुपये ही माफ हुए, जबकि हमने वादा दो लाख रुपये का किया था। इसके साथ ही सिंधिया कई और मुद्दों पर भी सवाल उठा चुके हैं। लेकिन पार्टी नेतृत्व अभी प्रदेश अध्यक्ष पर कोई भी निर्णय की स्थिति में नहीं है।