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MP के इस हॉस्टल में छात्रों को सात दिन से नहीं मिली सब्जी, गिनकर देते हैं केवल तीन रोटी!

Deepesh Tiwari

Publish: Oct 19, 2019 13:03 PM | Updated: Oct 19, 2019 13:03 PM

Guna

एसडीएम ने निरीक्षण के दौरान अधीक्षकों को लगाई फटकार, छात्रों ने भी की शिकायत...

गुना/बमोरी। मैडम! हमें सात दिन से सब्जी नहीं मिली है और गिनकर तीन रोटी दी जाती हैं। हॉस्टल में साफ सफाई नहीं की जा रही है। इससे बीमारी का खतरा है। ये बात छात्रों ने एसडीएम शिवानी गर्ग को बताई।

एसडीएम गर्ग शुक्रवार को बमोरी में आदिम जाति कल्याण विभाग के हॉस्टलों की चैकिंग करने पहुंची थीं। जहां छात्रों ने उनको कई तरह की खामियों बताया। इस पर एसडीएम और विभाग संयोजक राजेंद्र जाटव ने अधीक्षकों पर नाराजगी व्यक्त की।

इस दौरान उन्हें हर छात्रावास में कोई न कोई कमी मिली। किसी छात्रावास में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं थी तो कहीं रिकार्ड अपडेट नहीं मिला। सबसे पहले उत्कृष्ट कन्या छात्रावास बमोरी पहुंचे। अधीक्षक भानु पड़वा को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

एसडीएम ने जब अधीक्षक से रिकार्ड मांगा तो वह उपलब्ध नहीं करा पाए। उत्कृष्ट बालक छात्रावास में गंदगी मिलने पर चंद्रभान सिंह चंदेल से कहा कि आप रोज गुना से अप डाउन करते हो अगर बच्चों की समस्याएं आप से नहीं संभल पा रही हैं तो हॉस्टल छोड़ो और घर जाओ।

रिकार्ड में बच्चों के पालकों के नंबर भी नहीं हैं फिर भी उन्हें तलाशा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने हॉस्टल के एक शिक्षक से 12 का पहाड़ा भी सुना।

बदबू के कारण अंदर नहीं जा पाई एसडीएम
एसडीएम आदिवासी बालक छात्रावास में जब एसडीएम निरीक्षण करने पहुंची तो उन्हें इतनी बदबू आई कि वह अंदर ही नहीं गईं। ऐसी स्थिति में आदिम जाति कल्याण विभाग के संयोजक ने ही पूरे हॉस्टल का निरीक्षण किया।

कन्या आदिवासी आश्रम में 46 बच्चे रिकार्ड में दर्ज मिले लेकिन मौके पर मात्र 19 ही मौजूद थे। इस दौरान स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र भी चेक किए।

उत्कृष्ट हॉस्टल के आटा में कीड़े
वहीं, इसके पहले एसडीएम गर्ग ने गुना में संचालित जिला स्तरीय बालिका हास्टल का निरीक्षण किया था। उनको आटा में कीड़े मिले थे। सफाई भी नहीं थी। इसके बाद भी जिम्मेदार कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।