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Action demand: यहां जिले में वकीलों ने लाल पट्टी बांधकर जताया दिल्ली की घटना का विरोध

Manoj Vishwkarma

Publish: Nov 05, 2019 02:03 AM | Updated: Nov 05, 2019 00:07 AM

Guna

ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग

गुना. विगत दिनों दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में पुलिस द्वारा वकीलों पर किए गए हमले के विरोध में गुना के वकीलों ने लाल पट्टी बांधी और न्यायालयीन काम किया। इस दौरान बार एसोसिएशन गुना की ओर से जिला न्यायाधीश राजेश कुमार कोष्ठा को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।

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राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत सिसौदिया और अभिभाषक संघ गुना ने दिल्ली में अभिभाषकों के ऊपर पुलिस द्वारा किया गया हमला और हत्या के प्रयास की निन्दा की और कहा कि शासन-प्रशासन पुलिस को हत्यारा बनाकर भारतीय न्याय व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी अभिभाषकों में भय का वातावरण निर्मित कर भारतीय न्याय व्यवस्था को ध्वस्त करना चाहती है। ज्ञापन सौंपने वालों में एसोसिएशन के सचिव वीरेन्द्र सिंह सिसौदिया, मजहर आलम, अशोक नरवरिया, ज्योति चौहान, सुनील रघुवंशी, मुकेश अवस्थी, प्रदीप सरवैया, मनोज पलिया,सागर धाकड़, सीपी राव, राजेश सोनी, गजेन्द्र कुशवाह, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव आदि शामिल थे।

प्रोटेक्शन एक्ट का मुद्दा भी उठाया: उन्होंने कहा कि वकीलों द्वारा लगातार एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग की जा रही है, लेकिन इस मांंग के प्रति कोई भी सरकार गंभीर नहीं हैं, जिससे वकीलों पर निरन्तर हमले और हत्याएं हो रही हैं। ज्ञापन में कहा कि अभिभाषकों पस्ट ऑफिसर ऑफ द कोर्ट का सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है लेकिन पालन नहीं किया जा रहा।

इधर, न्यायिक जांच की मांग की

अशोकनगर. दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में पुलिस व वकीलों के बीच हुए विवाद के मामले में जिला अभिभाषक संघ ने न्यायिक जांच की मांग की है। वकीलों के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए संघ द्वारा दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण बताया है। घटना के विरोध में अभिभाषक सोमवार को न्यायालयीन कार्रवाई से विरोध में रहे। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने बताया कि 2 नवंबर 2019 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट परिसर में दिल्ली पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं पर कार्रवाई करते हुए उन पर लाठीचार्ज किया और गोलियां चलाईं। इतना ही नहीं अधिवक्ताओं के चैम्बर्स में घुसकर तोडफ़ोड़ भी की गई और उनके वाहनों को नुकसान पहुंचाया। लाठी चार्ज एवं गोलीबारी मे लगभग 6 अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की अभिभाषक संघ ने घोर निंदा की।

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