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बाउंड्रीवॉल के अभाव में असुरक्षित शिक्षा के मंदिर, भूमि का नहीं हो रहा उपयोग

Manoj Vishwkarma

Publish: Nov 17, 2019 02:01 AM | Updated: Nov 16, 2019 23:22 PM

Guna

खेल मैदान, पार्किंग और पौधरोपण के लिए काम नहीं आई भूमि

गुना. सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार प्रशासन को हर साल बजट उपलब्ध करा रही है लेकिन स्थानीय अधिकारियों के उदासीन रवैए के कारण व्यवस्थाएं नहीं सुधर पा रही हैं। यही कारण है कि जिला मुख्यालय पर स्थित अधिकांश सरकारी स्कूलों में अब तक बाउंड्रीवॉल नहीं बन सकी है। जबकि निर्माण की स्वीकृति से लेकर बजट तक उपलब्ध करा दिया गया है। बाउंड्रीवॉल के अभाव में शिक्षा के यह मंदिर असुरक्षित बने हुए हैं। वहीं स्कूल की सरकारी भूमि का उपयोग न तो खेल मैदान व पार्किंग के रूप में हो पा रहा है।

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जानकारी के मुताबिक इस समय शहर के आधा दर्जन स्कूल ऐसे हैं जहां अब तक बाउंड्रीवॉल नहीं बनाई जा सकी है, इनमें नानाखेड़ी प्राथमिक विद्यालय, भुल्लनपुरा प्रथामिक व माध्यमिक विद्यालय, चक सकतपुर प्राथमिक व हाईस्कूल का नाम शामिल है। पत्रिका टीम ने इन स्कूलों पर जाकर प्रबंधन व स्टाफ से बात की तो सामने आया कि वे कई बार लिखित व मौखिक रूप से बाउंड्री वॉल बनाने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को लिख चुके हैं। लेकिन अब तक यह काम शुरू नहीं हो पाया है। बाउंड्रीवॉल न बनने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल स्टाफ व बच्चों को असामाजिक तत्वों की अवैध गतिविधियों से हो रही है। वहीं दूसरी ओर बाउंड्रीवॉल न होने से आवारा जानवर स्कूल परिसर में आकर गंदगी फैला रहे हैं जिसकी सफाई करने में स्कूल स्टाफ को बहुत परेशानी आती है। नानाखेड़ी प्राथमिक विद्यालय के पास बड़ा खेल मैदान है लेकिन बाउंड्री न होने से इस स्थान का उपयोग आम रास्ते के रूप में हो रहा है। चकसकतपुर हाईस्कूल की बाउंड्री न होने से बच्चे व स्टाफ अपने वाहनों को सुरक्षित नहीं रख पाते हैंं। वहीं आसपास के लोग कचरा एकत्रित कर स्कूल परिसर में ही डाल रहे हैं।

भुल्लनपुरा में बिजली के खंभों से खतरा

भुल्लनपुरा प्राथमिक विद्यालय बजरंगगढ़ रोड पर स्थित है। जहां बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा मु य द्वार पर लगे बिजली के खंभों से है। जिसे लेकर प्रबंधन कई बार बिजली कंपनी के अधिकारियों से शिकायत कर चुका है। वहीं यह स्कूल भी बाउंड्रीवॉल के अभाव में अतिक्रमण के कब्जे में आ गया है। जिससे बच्चों को न तो साइकिल रखने जगह है और न ही खेलने पर्याप्त स्थान। इसी तरह की स्थिति भुल्लनपुरा माध्यमिक स्कूल की है। जहां पढऩे वाले बच्चे ज्यादातर सड़क दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। क्योंकि लंच टाइम में बच्चे सड़क पर चले जाते हैं। वहीं रात में असामाजिक तत्व स्कूल परिसर में अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं।

यह बोले जिम्मेदार

जिला मुख्यालय पर करीब आधा दर्जन स्कूल ऐसे होंगे जिनकी बाउंड्रीवॉल बजट के अभाव में नहीं बन पाई है। वैसे नपा इसके लिए शिक्षा उपकर वसूलती है उसे बनाना चाहिए। बजट उपलब्ध होते ही हम भी बनवा देंगे।

आरएल उपाध्याय, डीईओ

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