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मंत्रियों ने जैसे ही सवाल दागे तो बगलें झांकने लगे अधिकारी, लगाई फटकार

Manoj Vishwkarma

Publish: Oct 21, 2019 02:03 AM | Updated: Oct 20, 2019 22:57 PM

Guna

बैठक में नहीं आए जयवर्धन और लक्ष्मण सिंह, आज भी कई काम अधूरे

गुना. जिला योजना समिति की बैठक में जहां एक ओर चांचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह और प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री जयवर्धन सिंह शामिल नहीं हुए। विधायक लक्ष्मण सिंह को न देखकर अफसर राहत की सांस ले रहे थे, इसकी वजह ये थी कि पिछली बार जिला योजना समिति की बैठक में विधायक लक्ष्मण सिंह ने कई अफसरों की प्रभारी मंत्री के समक्ष जमकर क्लास ली थी।

इस बैठक की शुरुआत में तो सब कुछ ठीक-ठाक चला, लेकिन योजना समिति के प्रस्ताव पर चर्चा होते ही बमौरी विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत काम न होते देख बमौरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं प्रदेश के श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया नाराज हो गए, उन्होंने पीएचई, पीडब्ल्यूडी और जल संसाधन विभाग के अफसरों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई और कई सवाल खड़े कर दिए। यह देखकर संबंधित विभाग के अफसर अगल-बगल झांककर जवाब देने से बचते रहे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि बारिश में सड़कें, पुल बह गए, हमनें भूमि पूजन भी कर दिया, इसके बाद भी काम चालू नहीं हो पाया, इससे बड़ी शर्म की बात हम संबंधित विभाग के लिए क्या हो सकती है सिसौदिया की नाराजगी को देखकर प्रभारी मंत्री इमरती देवी ने कहा कि ऐसे नहीं चलेगा, काम तो आप लोगों को करना होगा। कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार ने भी मंत्री की नाराजगी के बाद पीएचई विभाग के अधिकारी को अपने काम में सुधार लाने की चेतावनी भी दी।

पीएचई का मामला

गुना, बमौरी, राघौगढ़, चांचौड़ा विधानसभा में स्वीकृत 2० नल-जल योजनाओं में से आधी भी पूरी नहीं हो पाई हैं। खास बात ये है कि पीएचई के कार्यपालन यंत्री और संबंधित अधिकारियों का हाल ये है कि वे अपने हैड क्वार्टर पर नहीं रहते हैं, जिससे समयावधि में पानी के क्षेत्र में काम पूरा नहीं हो पा रहा है। बसाहटों में पेयजल व्यवस्था में उपलब्धि का प्रतिशत मात्र 32 प्रतिशत है, जिसको लेकर बमौरी विधायक ने कहा कि कुल मिलाकर बमौरी विधानसभा क्षेत्र में पीएचई के क्षेत्र में काम नहीं हो रहे हैं। इसी तरह बिजली के क्षेत्र में स्वीकृत कामों पर नजर डाली गई तो वहां भी अधूरी योजनाएं नजर आईं, जिन पर जनप्र्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों व कर्मियों की कमी पर भी चर्चा हुई। भाजपा के जिला अध्यक्ष गजेन्द्र सिकरवार भी सड़क और पानी को लेकर अपनी-अपनी बातरखते रहे।

ये रही स्थिति

जिला योजना समिति की बैठक में लोक निर्माण विभाग की स्थिति ये है कि वर्ष 2०19-2० में 63.99 किलोमीटर 23 मार्ग बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था, इस प्रस्ताव की वर्तमान में ये हालत है कि यह काम 31 दिसंबर 2०19 तक पूरा होना है, लेकिन अभी 1.55 किलोमीटर मार्ग का निर्माण हुआ है, जिस पर अभी तक 271० लाख 67 हजार रुपए खत्म किए जा चुके हैं। बमौरी में ग्राम फतेहगढ़ से बीलखेड़ी व्हाया झिरी मार्ग जिसका निर्माण 31० लाख रुपए में 12 अप्रैल 2०18को पूरा होना था, लेकिन यह काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसी तरह बमौरी विधानसभा के ग्राम लोडेरा से झुमका मार्ग और ग्राम मगरोड़ा से अजरोड़ा मार्ग के निर्माण का काम भी पूरा नहीं हो पाया। इसी तरह अनारथ रे परांठ मार्ग ब्रिज का काम 31 अक्टूबर 2०19 तक पूरा होना था, यह काम भी पूरा नहीं हो पाया। इनको लेकर श्रम मंत्री सिसौदिया ने नाराजगी जाहिर की। वैसे तो गुना जिले में लोक निर्माण विभाग के जितने काम हैं, वे एक भी काम समयावधि में नहीं हो पाए। इसी तरह मु यमंत्री सड़क योजनान्तर्गत 421 में 37 सड़कों का काम शुरू तक नहीं हो पाए।