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क्यूसीआई की हिदायत पर ध्यान देते तो और स्वच्छ होता गुना स्टेशन

Brajesh Kumar Tiwari

Publish: Oct 05, 2019 22:05 PM | Updated: Oct 05, 2019 22:05 PM

Guna

स्वच्छता सर्वेक्षण: सफाई की निगरानी के लिए लगाए कैमरा लंबे समय से बंद

गुना. स्वच्छता में गुना रेलवे स्टेशन काफी पिछड़ा हुआ है। बी श्रेणी के स्टेशनों में गुना की 436वीं रैंकिंग से स्पष्ट है कि अभी सुधार की काफी जरूरत है। क्लालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया (क्यूसीइआई) की टीम द्वारा पिछले दिनों किए गए सर्वे के दौरान बताई गई कमियों पर अगर ध्यान दिया जाता तो रैंकिंग और अच्छी हो सकती थी।


लेकिन रेलवे ने न स्वच्छता पर ध्यान दिया और ना ही जरूरी सुविधाओं पर। स्टेशन पर यात्रियों से लिए गए फीडबैक के आधार पर स्टेशन की व्यवस्थाएं सुधारने की बात सामने आई थी। पत्रिका ने स्वच्छता रैंकिंग में स्टेशन के पिछडऩे की हकीकत जानी तो कई कमियों बनी हुई हैं। प्लेट फार्म नंबर-1 के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया में बारिश का पानी भर जाता है। आईओडब्ल्यूओ आफिस के बाहर यात्री प्रतीक्षालय के गेट तक सीवर की गंदगी और गंदा पानी बाहर भरा रहता है। प्लेट फार्म एक पर रसीद कालोनी के पास कालोनी की गंदगी प्लेट फार्म के पास डाली जा रही है। पटरियों की सफाई और प्लेट फार्म पर ठीक से फिनाइल आदि का इस्तेमाल नहीं होने से बदबू आती है।


दरअसल, प्लेटफार्म-1 के सर्कुलेटिंग एरिया में टायलेट का पानी भरा रहता है। कई बार इसकी शिकायत की है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। सर्कुलेटिंग एरिया में वाहन स्टैंड के बाहर जल निकासी का इंतजाम नहीं हो पाया है। रात में झांकी लगती है, अन्यथा यहां पर रात के समय निकलने में बदबू और गंदगी की समस्या रहती है। ट्रेनों में भी स्वच्छता का अभाव रहता है। इससे यात्रियों में नाराजगी है।


सीसीटीवी कैमरा बंद
रेलवे स्टेशन पर सफाई की निगरानी के लिए लगाए कैमरा कई महीनों से बंद पड़े हैं। भोपाल की एक एजेंसी ने यहां पर कैमरा लगाए थे, ज्यादा दिनों तक कैमरा चालू नहीं रहे। इस वजह से न तो सफाई का मैंटेनेंस हो पाता है और ना ही ठीक से सफाई। प्लेट फार्म का विस्तार काफी ज्यादा हो गया। इसके लिए यहां कैमरा काफी जरूरी हैं।