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पुलिस नहीं पकड़ती, तो बदमाशों के शिकार हो जाते दो सराफा कारोबारी

Praveen Mishra

Publish: Nov 18, 2019 15:05 PM | Updated: Nov 18, 2019 15:05 PM

Guna

- लूटने की योजना बनाते धरनावदा थाना पुलिस ने पकड़े पांच बदमाश

एक बदमाश लूट की सजा मिलने के बाद चल रहा था फरार

गुना. रुठियाई, आरोन और आनंदपुर (विदिशा) के सराफा कारोबारियों के साथ डकैती की वारदात को अंजाम देने की तैयारी में बैठे पांच बदमाशों को धरनावदा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी गादेर घाटी के पास वारदात को अंजाम देने एकत्रित हुए थे। साइबर की मदद से आरोपियों की लोकेशन मिलने के बाद धरनावदा पुलिस ने दबिश देकर पांचों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों द्वारा सबसे पहले गुना के कारोबारी के साथ डकैती को अंजाम देने की योजना थी।

दरअसल, ये आरोपी कारोबारियों के आने जाने के समय के साथ उनकी रैकी कर रहे थे। शनिवार को पुलिस ने प्रसन्न दांगी, अरविंद दांगी, अजय पारदी, पंकज झा और अटल यादव को हथियारों के साथ पकड़ लिया है। उनके पास से दो देसी कट्टे, कारतूस, चाकू और गुना से चुराई गई मोटरसाइकिल को जब्त किया है।

पांचों आरोपियों के खिलाफ डकैती की योजना बनाने और आम् र्स एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों पर मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान और यूपी में भी कई मामले दर्ज हैं।


इसलिए चुना था गादेर का स्थान
पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा ने संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि गादेर घाटी पर फोरलेन से पहले भी कई वारदात हो चुकी है। घाटी पर वाहनों की स्पीड कम होती है और दोनों तरफ घना जंगल लगा हुआ है।

यह क्षेत्र अजय पारदी द्वारा दिखा हुआ है और आरोपियों ने उसके साथ ही पूरी प्लानिंग की थी। आरोपी घटना को अंजाम देकर आसानी से भाग सकते थे। लेकिन पुलिस को इनकी लोकेशन मिलने के बाद पुलिस उन पर निगरानी रख रही थी।

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22 लाख की लूट को दिया था अंजाम
आरोपियों में से एक कामद दतिया निवासी प्रसन्न दांगी उर्फ बोहरे दादा ने कैंट थाना क्षेत्र के तहत बस में सवार मुनीम के साथ वर्ष 2006 में 22 लाख रुपए की लूट को अंजाम दिया था। कोर्ट ने उसे 10 साल की सजा भी सुनाई थी। हाईकोर्ट में अपील के बाद जेल से छूटे इस आरोपी द्वारा फिर से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जाने लगा था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उसका जमानत आवेदन खारिज करने के लिए भी हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में पुलिस आवेदन पेश करेगी।


जेल में हुई दोनों के बीच दोस्ती
पुलिस ने बताया, डकैती की योजना बनाते पकड़ाए आरोपियों में एक रुठियाई निवासी अजय पारदी है। जिसने वर्ष २०१७ में दो बड़ी चोरियों को अंजाम दिया। जेल में बंद होने के बाद प्रसन्न की मुलाकात अजय के पिता भूरा उर्फ रामनिवास पारदी द्वारा कराई गई। वर्ष 2009 में अजय के पिता और प्रसन्न दोनों जेल में बंद थे। तभी से वे एक दूसरे के अच्छे परिचित हो गए। करीब 10 साल बाद इस वारदात को अंजाम देते पकड़ गए हैं।


ज्वेलर्स की रैकी की थी बदमाशों ने...
पुलिस को बदमाशों ने बताया कि आनंदपुर विदिशा निवासी राजेश सोनी आशीष सोनी की इन बदमाशों द्वारा कई दिनों से रैकी की जा रही थी, जिसमें यह पाया था कि ये दोनों लाल कलर की अपाचे वाहन से सोने से भरा बैग और नगदी लेकर रात्रि में अपने घर को लौटते हैं।

इसी तरह रूठियाई के ज्वेलर्स आशीष सोनी सफेद कलर की अपाचे पर सवार होकर रात्रि में दुकान से सोना और नगदी लेकर लौटता है। इस रैकी में इन दोनों ज्वैलर्स को लूटने की योजना बनाई थी। इनको लूटने के लिए दतिया में एक दो पहिया वाहन चुराया था। यह ज्यादातर लूट की घटनाओं को चोरी के दो पहिया वाहनों से अंजाम देते थे।


प्रशन्न दांगी पर दर्ज हैं कई मामले
बदमाशों को पकडऩे के बाद उन पर दर्ज मामले खंगाले जा रहे हैं। दतिया निवासी प्रसन्न दांगी पर ११ पुराने मामले दर्ज हैं और १२वां प्रकरण धरनावदा पुलिस ने दर्ज किया है। वर्ष २००६ में उसने कैंट में २२ लाख की लूट की थी। इसके अलावा मारपीट और बलबा आदि के मामले भी दर्ज हैं। प्रभूदयाल अहिरवार पर मारपीट और डकैती का प्रयास और अजय पुत्र रामनिवास पारदी पर दो चोरी के मामले और डकैती का प्रयास का प्रकरण दर्ज है।

बदमाशों को पकडऩे में धरनावदा थाना प्रभारी नीरज बिरथरे, राधेश्याम यादव, अशोक दुबे, राधेश्याम शर्मा, महेंद्र सिंह चौहान, देवेंद्र शर्मा, दीपक त्रिपाठी, दिनेश शर्मा, अमित तिवारी, रघुकुल तिलक मिश्रा, नीरज शर्मा, आदित्य टुंडेले, सत्येंद्र गुर्जर, विकास भार्गव, साइबर सेल प्रभारी मसीह खान आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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