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सिर्फ 3 स्त्री रोग विशेषज्ञ के भरोसे गुना जिले की महिलाओं का स्वास्थ्य

Narendra Kushwah

Publish: Nov 19, 2019 11:59 AM | Updated: Nov 19, 2019 11:59 AM

Guna

- जिले में 4 सीएससी व 1 सिविल अस्पताल लेकिन एक पर भी नहीं है विशेषज्ञ
- न गांव में न शहर में, महिलाओं को कहीं भी नहीं मिल पा रहा उचित इलाज

गुना. जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं बीते काफी समय से बीमार हैं। जिसे सुधारने के लिए न तो जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं और न ही आला प्रशासनिक अधिकारी। यही कारण है कि अंचल के स्वास्थ्य केंद्रों की हालत एक दशक बाद भी नहीं सुधर सकी है।

गौर करने वाली बात है कि 13 लाख से अधिक आबादी वाले गुना जिले में महिलाओं का स्वास्थ्य मात्र 3 स्त्री रोग विशेषज्ञ के भरोसे है। जो जिला अस्पताल में पदस्थ हैं।

जबकि अंचल में 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 1 सिविल अस्पताल है। लेकिन इनमें से एक पर भी स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती आज तक नहीं की जा सकी है। जिसके कारण अंचल की महिलाओं का प्रारंभिक स्तर पर ही स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो पा रहा है।

महिलाओं को यह आ रही परेशानियां
आमतौर पर महिलाएं घर के काम में बहुत व्यस्त रहती हैं। ऐसे में अधिकांश महिलाएं बीमार होने पर डॉक्टर को दिखाने के लिए बमुश्किल समय निकाल पाती हैं।

इस स्थिति में उन्हें नजदीक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पड़ता है लेकिन यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ के न होने से महिलाएं अपनी बीमारी ठीक ढंग से पुरुष डॉक्टर को नहीं बता पातीं। अब उनके पास इलाज कराने के लिए एक ही विकल्प बचता है जिला अस्पताल। जिसकी दूरी भी अधिक है तथा समय पर डॉक्टर अपने कक्ष में मिल जाए यह भी मुश्किल रहता है।

जिला अस्पताल में 8 महिला डॉक्टर
एक ओर जहां जिले के 4 सीएससी व 1 सिविल अस्पताल में एक भी महिला डॉक्टर नहीं है। वहीं जिला अस्पताल में कुल 8 महिला डॉक्टर हैं। इनमें से 3 स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ आराधना विजयवर्गीय, डॉ ऊषा चौरसिया, डॉ आभा शर्मा हैं।

इसके अलावा महिला डॉक्टर्स में डॉ रुचि राणा, डॉ रश्मि दीक्षित, डॉ आकांक्षा पांडेय, डॉ आरती श्रीवास्तव तथा डॉ शिल्पा टांटिया हैं। इममें से 3 स्त्री रोग विशेषज्ञ व 3 महिला डॉक्टर की ड्यूटी मेटरनिटी विंग में लगाई गई है। जबकि डॉ आकांक्षा पाण्डेय की ड्यूटी मेटरनिटी से बाहर जनरल ओपीडी में बतौर नेत्र रोग विशेषज्ञ लगाई गई है। वहीं डॉ शिल्पा टांटिया अस्पताल में प्रबंधक की जिम्मेदारी निभा रही हैेें।
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सबका एक ही जवाब हमने जानकारी दे दी है
गुना जिले में पांच विकासखंड हैं। इनमें से आरोन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को शासन ने सिविल अस्पताल का दर्जा प्रदान कर दिया है। जिसे कागजों में 100 बिस्तरीय अस्पताल दर्शाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित गाइड लाइन के मुताबिक सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ का होना बेहद जरूरी है लेकिन यहां भी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती आज तक नही हो सकी है। वहीं जिले के अन्य विकासखंडों में स्थित सीएससी पर भी विशेषज्ञ का पद खाली है।

जब इसके लिए जिम्मेदारों से पूछा जाता है तो सभी का एक ही जवाब रहता है कि हमारे द्वारा तो समय समय पर स्टाफ की जानकारी ऊपर भेजी जाती है। क्योंकि स्टाफ की पदस्थापना ऊपर से ही की जानी है।

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