स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

जरा संभलकर! हादसे की वजह बन सकती है तालाब की टूटी बाउंड्री

Manoj Vishwkarma

Publish: Oct 20, 2019 04:02 AM | Updated: Oct 19, 2019 22:33 PM

Guna

मामला बजरंगगढ़ के भुजरिया तालाब का, ग्राम पंचायत को है स्वीकृति का इंतजार

गुना/बजरंगगढ़. ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित भुजरिया तालाब की बाउंड्री टूटने से हादसे की आशंका बनी हुई है। इस तालाब को तार वाले तालाब के नाम से भी जाना जाता है। तालाब पर लोगों का आवागमन भी अधिक रहता है, जिससे इसकी मरम्मत करने की तुरंत आवश्यकता भी है। इस सीजन में सामान्य से अधिक बारिश होने के चलते भुजरिया वाला तालाब लबालब भर चुका है। लेकिन तालाब की पार (बाउंड्री) टूट जाने की वजह से हादसे की आशंका है।

ग्रामीणों के अनुसार तालाब के पास आम लोगों के अलावा स्कूल आने-जाने वाले बच्चे भी गुजरते हैं। इस दौरान कई बच्चे कोतुहलवश तालाब में झांकते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटना या हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों पूर्व तालाब की पार टूट गई थी। लेकिन अब इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। जबकि ग्राम पंचायत इसे उच्च स्तर से स्वीकृति उपरांत होने वाला कार्य बता रही है। इसके अलावा तालाब के समीप निवास करने वाले लोगों के छोटे-छोटे बच्चे यहां खेलते रहते हैं। इसके अलावा ऑटो, ट्रैक्टर सहित दुपहिया वाहनों का आवागमन भी लगातार होता है। इस तालाब में ग्रामीण द्वारा सावन के महीने में भुजरिया विसर्जन भी किया जाता है। गनीमत रही कि इस बार तालाब लबालब भरा होने पर भी कोई हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों की मांग है कि इस तालाब की पार को जल्द से जल्द ठीक किया जाए, जिससे कोई आम नागरिक कोई हादसे का शिकार ना हो जाए। इसके लिए ग्राम पंचायत के अलावा जिला प्रशासन से भी गुहार लगाई गई है।

रात के अंधेरे में खतरनाक हो जाता है मार्ग

ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की चपेट में आकर पहले कई हादसे हो चुके हैं और लोगों की जान तक जा चुकी है। खासकर रात के समय अंधेरा होने की स्थिति में यहां समीप से निकलने वाले लोगों के तालाब में गिरने की आशंका बनी रहती है। लोगों को इस क्षेत्र में रात के समय निकलने के दौरान विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। ताकि अंधेरे की वजह से वह तालाब में न चला जाएं।


प्रस्ताव दे दिया है

तालाब की मरम्मत के लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव दे दिया था। अब जनपद स्तर पर इसकी स्वीकृति मिलना बांकी है। इसके बाद ही निर्माण हो सकेगा।

दिलीप ग्वाल, सहायक सचिव ग्राम पंचायत बजरंगगढ़