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Uproar in council meeting" बिना सहमति परिषद की बैठक बुलाकर गायब हुए सीएमओ, सलूजा ने राजू को निकाला चेम्बर से बाहर

Manoj Vishwkarma

Publish: Nov 07, 2019 03:02 AM | Updated: Nov 07, 2019 12:36 PM

Guna

हंगामा: नियम विरुद्ध आए एजेंडा को लेकर हुई राजनीति

गुना. नगर पालिका परिषद की बैठक सीएमओ संजय श्रीवास्तव ने नगर पालिका अध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा की बगैर सहमति के एजेंडा जारी कर बुलाई। उसके अनुसार बुधवार को बैठक होती किइससे पहले सीएमओ छुट्टी लेकर चले गए। इस बैठक में जहांएक ओर हर एजेंडे को नियम विरुद्ध बताकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते रहे। वहीं नगर पालिका उपाध्यक्ष राजू यादव ने न सिर्फ अपनी पार्टी के अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला, बल्कि बैठक में सलूजा और पार्टी पार्षदों के बजाय विपक्षी पार्षदों का खुलकरसाथ दिया।

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इसको लेकर सलूजा और पार्टी के पार्षदों ने भाजपा स्थानीय संगठन और प्रदेश हाईकमान को शिकायत करने की बात कही। विपक्षी पार्षद एजेंडा में शामिल सातों बिन्दुओं को पास कराने के लिए हंगामा करते रहे, जबकि भाजपा के तीन पार्षद छोड़कर बाकी पार्षद शांत बैठे रहे और वे नियम के अनुसार ही बैठक चलने और एजेन्डा पास करने की बात कहते रहे। जिसको लेकर कांग्रेस और भाजपा के दो-दो पार्षदों के बीच तीखी-तकरार हुई। कुल मिलाकर जहां एक ओर नगर पालिका की बैठक में प्रभारी सीएमओ की हैसियत से कार्यपालन यंत्री आरबी गुप्ता बैठे, वहीं नियमों की धज्जियां उड़ाकर और सलूजा व भाजपा के 15 से अधिक पार्षदों के विरोध और आपत्ति के बाद एजेन्डे को कांग्रेस पार्षदों ने अपने स्तर पर पास करा दिया। एजेन्डा पास कराने को प्रभारी सीएमओ ने नियम विरुद्ध बताया।

नपा अध्यक्ष सलूजा बोले कराएंगे एफआईआर: नगर पालिका परिषद की बैठक में एनीकट या पानी को लेकर राजनीति के तहत तैयार किए गए आवेदन पर पार्षदों पर दबाव बनाकर या उनकी सीट पर जाकर हस्ताक्षर कराए हैं वह नियम विरुद्ध है। इसको लेकर हमारे भाजपा पार्षदों से कांग्रेस पार्षद खालिद उर्फ बंटी से तीखी नोंक-झोंक भी हुई है। इसका वीडियो और एफआईआर कराने के लिए जल्द ही एसपी को एक आवेदन देंगे। जिसमें जांच कर एफआईआर कराने क मांग करेंगे।परिषद की नियम विरुद्ध बैठक बुलाने और विपक्षी पार्षदों द्वारा एजेन्डा आपत्ति के बाद भी पास कराने को लेकर लोकायुक्त में शिकायत करेंगे, इसके साथ ही इस मामले को लेकर न्यायालय भी जाएंगे। वो भी काम अवैध: शर्मा: कांग्रेस पार्षद वीरेन्द्र शर्मा का कहना था कि नगर पालिका में टेण्डर आदि को लेकर जो गजट नोटिफिकेशन नगर पालिका अध्यक्ष बता रहे हैं वह अगस्त 2०18 का है, उसका पालन यदि नगर पालिका में होता है, तो पूर्व में टेण्डर होने के बाद काम हुए वह भी अवैध हैं, उनकी भी लोकायुक्त में शिकायत होना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष के बगैर निपट गई बैठक: नगर पालिका परिषद की बैठक बगैर नेता प्रतिपक्ष के निपट गई। जबकि बैठक में नेता प्रतिपक्ष रहे अविनाश पारोछिया और सुनील मालवीय मौजूद थे। जिससे पार्षद हंगामा करते रहे। वहीं कांग्रेस पार्षद वंदना मांडरेनहीं आईं।

सड़क और वार्डों में काम का उठा मामला


शहर की सड़कों और वार्डो में कराए जाने वाले निर्माण कार्यों का मामला परिषद में आया। कांग्रेस पार्षदों ने शहर की सड़कों और गड्डों को भरने के लिए आए नपा के खजाने से बनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी। इस मामले में नपा अध्यक्ष सलूजा ने विरोध करते हुए कहा कि जो सड़कें गारंटी पीरियड में हैं, उनको संबंधित ठेकेदार से ही बनवाई जाए। स्ट्रीट लाइट मेंटेंनेंस का ठेका दिए जाने का मामला भी परिषद में गरमाया रहा।

शिक्षा उपकर बढ़ाए जाने का विरोध

मप्र शासन ने संपत्तिकर के साथ शिक्षा उपकर पांच प्रतिशत वसूले जाने का प्रस्ताव आते ही हंगामा हुआ, सलूजा का कहना था कि शिक्षा उपकर जनता से पांच प्रतिशत वसूला जाना गलत है, एक प्रतिशत ही शिक्षा उपकर वसूला जाए। कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि इससे पूर्व भी शिक्षा उपकर वसूला जाता रहा है, सलूजा पर आरोप लगाते हुए कहा कि आप चार साल तक जो काम नियम विरुद्ध करते रहे, वे सब ठीक-ठाक थे। उन्होंने सलूजा को विकास में सबसे बड़ा रोड़ा बताया।
परिषद के रजिस्टर में कार्रवाई तक अंकित नहीं: नगर पालिका परिषद के रजिस्टर में बुधवार को होने वाली बैठक का एजेन्डा तक दर्ज नहीं था। जिस पर सलूजा ने घोर आपत्ति की।जबकि कार्यालय अधीक्षक तेजसिंह का कहना था कि परिषद के रजिस्टर में प्रोसीडिंग बाद में लिखते हैं पहलेकच्ची लिख ली जाती है।

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