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Fast spreading cancer: तेजी से फैल रहा कैंसर, 5 साल में आए 904 रोगी, जिला अस्पताल में इलाज करने न अलग वार्ड और न ही स्टाफ

Manoj Vishwkarma

Publish: Nov 07, 2019 07:02 AM | Updated: Nov 06, 2019 23:11 PM

Guna

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गुना. जिले में कैंसर का रोग तेजी से फैल रहा है। हर साल रोगियों की सं या बढ़ती जा रही है। पांच साल के भीतर जिला अस्पताल में ही 904 मरीज सामने आ चुके हैं। इस जानलेवा बीमारी से आधे से ज्यादा मरीज तो अपनी जान गंवा चुके हैं। लेकिन कैंसर रुकने की वजह और बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा भी ऐसे कई मरीज हैं जो जिला अस्पताल नहीं आए और सीधे इंदौर,भोपाल और ग्वालियर में इलाज कराने पहुंच रहे हैं।

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गुना में जटिल कैंसर का इलाज नहीं आने से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या घट गई है। कुल मिलाकर ये है कि शासन ने कैंसर के मरीजों के लिए छह पलंग अलग से लगाकर सेपरेट वार्ड बनाने के आदेश कई माह पूर्व दे चुका है, इसके बाद भी न तो जिला प्रशासन अलग से वार्ड बनाने को तैयार है और न कोई सुविधा देने को। इस जानलेवा बीमारी की मुख्य वजह मिलावटी खाद्य सामग्री तंबाकू और शराब बन रहे हैं। पर स्वास्थ्य विभाग न तो लोगों को जागरूक पाया और ना ही इलाज सुगम कर पाया है।

इलाज के लिए अलग से एक भी वार्ड नहीं

बताया जाता है कि फरवरी 2015 में जिला अस्पताल में पहला कैंसर रोगी पंजीकृत किया गया था। कैंसर रोगियों के लिए डा. वीरेंद्र रघुवंशी को स्पेशल ट्रेनिंग दिलाई। पांच साल में 904 रोगियों ने पंजीयन कराया। लेकिन अस्पताल में कैंसर रोगियों के लिए अलग से एक वार्ड भी नहीं है। गुना में इतने रोगी आने के बाद भी पर्याप्त दवाएं नहीं हैं। जिला अस्पताल में 17 तरह की दवाएं हैं, वे भी बीच-बीच में कम पड़ जाती हैं। गुना में 211 मरीजों की कीमोथैरेपी की गई। गुना में मुंह, स्तन कैंसर और बाहर से दिखने कैंसर का ही इलाज किया जा रहा है।

ये हैं कैंसर के लक्षण

-मुंह, जीभ-तालू में लाल या सफेद रंग के धब्बे होना।

-मुंह के अंदर फाइब्रोसिस होना, जिसमें मुंह नहीं खुल पाता है।

-शरीर में कोई गठानया सूजन होना।

-ऐसा घाव जो जल्दी ठीक न हो।

-लंबे समय तक गला खराब और बुखार, खाना निगलने में परेशानी।

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