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डॉक्टर्स की ड्यूटी लगाने में बाहरी हस्तक्षेप !

Narendra Kushwah

Publish: Oct 20, 2019 12:46 PM | Updated: Oct 20, 2019 12:46 PM

Guna

भेदभाव कर लगाई जा रही कुछ डॉक्टर्स की ड्यूटी
महिला चिकित्सकों ने जिला अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा
बोलीं, स्वीकार नहीं है भेदभाव पूर्ण रवैया
चिकित्सकों की कमी के बीच लगातार 12 घंटे की ड्यूटी से परेशान महिला डॉक्टर

गुना. जिला अस्पताल में प्रशासनिक स्तर पर सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है। यहां पदस्थ स्टाफ प्रबंधन की कार्यप्रणाली से नाखुश है। लेकिन ताजा मामला डॉक्टर्स की ड्यूटी से जुड़ा है। शुक्रवार को जब महिला चिकित्सक मेटरनिटी वार्ड में ड्यूटी देने नहीं पहुंची तब यह मामला प्रकाश में आया। बताया जाता है कि उक्त महिला चिकित्सक ड्यूटी के नए रोस्टर चार्ज से खफा थीं। क्योंकि पूरे ड्यूटी चार्ट में मात्र तीन ही चिकित्सकों की बारी बारी से ड्यूटी लगाई गई है। जबकि मेटरनिटी वार्ड में कुल महिला चिकित्सकों की संख्या 8 हैं।

इस नए ड्यूटी चार्ट पैदा हुआ विवाद
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ एसके श्रीवास्तव ने महिला चिकित्सकों को जो नया ड्यूटी चार्ट दिया है। उसमें सिर्फ तीन महिला चिकित्सक डॉ रुचि राणा, डॉ आरती श्रीवास्तव व डॉ रश्मि दीक्षित की 18 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक अलग अलग तारीखों में डे शिफ्ट में सुबह 8 से रात 8 तथा नाइट शिफ्ट में रात 8 से सुबह 8 बजे तक ड्यूटी लगाई गई है। महिला चिकित्सकों का आरोप है कि इस ड्यूटी चार्ट में अन्य महिला चिकित्सकों को शामिल क्यों नहीं किया गया है।

ड्यूटी लगाने में बाहरी हस्तक्षेप का आरोप
मेटरनिटी वार्ड में पदस्थ डॉ रुचि राणा, डॉ आरती श्रीवास्तव व डॉ रश्मि दीक्षित ने संयुक्त रूप से आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन जिस तरीके से अन्य महिला चिकित्सकों को इमरजेंसी ड्यूटी से बाहर रख रहा है, उससे साफ प्रतीत होता है कि वह बाहरी दबाव में ऐसा कर रहा है। महिला चिकित्सकों का कहना है कि फिलहाल उन्हें सीएस की तरफ से तीन दिन का आश्वासन मिला है। इस दौरान वे नए ड्यूटी चार्ट के तहत अपनी सेवाएं देंगी लेकिन ऐसा ज्यादा दिन नहीं चलेगा। महिला चिकित्सकों का कहना है कि मेटरनिटी वार्ड में पहले ही चिकित्सकों की कमी है तथा मरीजों की संख्या काफी अधिक रहती है। ऐसे में लगातार 12-12 घंटे की ड्यूटी देना कितना आसान है। आखिर डॉक्टर्स का भी परिवार है, छोटे छोटे बच्चे हैं, इनकी कैसे देखभाल संभव है। इस ओर भी अस्पताल प्रबंधन को सोचना चाहिए।

यह बोले जिम्मेदार
महिला चिकित्सकों ने मेटरनिटी वार्ड में ड्यूटी लगाने को लेकर जो आरोप लगाए हैं, वह गलत हैं। डॉक्टर्स की ड्यूटी नियमानुसार ही लगाई जा रही है।
डॉ एसके श्रीवास्तव, सीएस  जिला अस्पताल गुना