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कागजों में करोड़ों खर्च, सड़कों पर गड्ढे

Brajesh Kumar Tiwari

Publish: Aug 17, 2019 20:28 PM | Updated: Aug 17, 2019 20:28 PM

Guna

चाहें एबी रोड की मुख्य सड़क हो, या दुबे और चौधरन कॉलोनी वाला मार्ग। गुना शहर में यहां कागजो में करोड़ों रुपए विकास के तहत सड़क बनाने के नाम पर खर्च तो कर दिए, लेकिन उन सड़कों से पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की, जिसका परिणाम ये है कि वहां के मुख्य मार्ग का डामरीकरण गड्डों में तलाशना पड़ रही है। वे बडे-बड़े गड्डे लोगों के जानलेवा बन गए।

गुना. शहर के 37 वार्डों में से आधे से अधिक वार्ड ऐसे हैं जहां के लोग नगर पालिका के प्रभारी अध्यक्ष की मनमानी से अधिकतर कॉलोनियों व मोहल्लों में सड़कें न होने से वे गलियां कचरे के साथ-साथ बारिश के पानी से कीचड़ से लबालब हो गई हैं, वहीं सीवर प्रोजेक्ट का काम करने वालों ने अधूरा काम छोड़ा हुआ है, उसकी वजह से वहां से पैदल निकलना तक दूभर हो गया है। कुल मिलाकर ये है कि नगर पालिका ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में विकास के नाम पर करोड़ों रुपया खर्च तो कर दिया, लेकिन आज भी गुना के शहर वासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। मजेदार बात ये है कि जहां एक ओर जनता अपनी गड्डों में गायब होती सड़कों व मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, वहीं दूसरी ओर जनता की परेशानियों को जानते हुए भी राजनीतिक दल अपनी चुप्पी साधे हुए हैं। पत्रिका टीम ने जब बारिश के बीच शहर की पॉश कॉलोनी, मोहल्ले व कॉलोनियों का भ्रमण किया, वहां की जनता से चर्चा की तो उनका दर्द उभरकर बाहर आया उन्होंने कहा कि नगर पालिका संपत्ति कर टैक्स तो ले रही है उसे जनता की मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। वहां की सड़कों का ये दिखा नजारा।

 

 

बारिश ने खोली पेंचवर्क की पोल


नगरीय क्षेत्र में बीते माह नगर पालिका द्वारा कई मार्गों का पेंचवर्क कराया गया था, जिसकी कलई बारिश ने खोल दी है। जिससे एक ओर जहां पेंचवर्क पर खर्च किया गया बजट पानी में चला गया है तो वहीं बारिश के मौसम में आम जनता को गड्ढों में तब्दील सड़क से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में कई कॉलोनियों की यह स्थिति है कि लोग अपने घरों से तक नहीं निकल पा रहे हैेंं। मजबूरी में यदि उन्हें निकलना पड़ता है तो उन्हें पानी व कीचड़ से होकर ही निकलना होता है।

 


इन क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब


रेलवे अंडर ब्रिज से होकर जाने वाले मार्ग में करीब आधा दर्जन कॉलोनी व गांव पड़ते हैं। लेकिन इस मार्ग पर कई सालों से सड़क निर्माण नहीं हुआ है। मार्ग में बिछी लाल व काली मिट्टी पर बारिश का पानी जमा होने से यह मार्ग दलदल में तब्दील हो गया है। बांसखेड़ी, सकतपुर रोड, बूढ़े बालाजी क्षेत्र, घोसीपुरा जैसे कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां इस बारिश के मौसम में समस्याएं ही समस्याएं नजर आ रही हैं, जिनको लेकर वहां के लोग परेशान हैं।

 


पार्षदों को भी जनता की सुध नहीं


सूत्रों ने बताया कि नगर पालिका के प्रभारी अध्यक्ष राजू यादव के बनने के बाद विपक्ष भी कहीं नजर नहीं आ रहा है। जनता की सुध अधिकतर पार्षदों ने लेना बंद कर दिया है। जबकि वहां की जनता अपने-अपने क्षेत्र की समस्या को लेकर अपने-अपने पार्षदों को बता चुकी है, लेकिन न तो वे उनकी समस्या का निराकरण करा पा रहे हैं और न ही उनके राजनीतिक दल।