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फर्जीवाड़ा: हरिपुर, सकतपुर, माधौपुर के लिए स्वीकृति, काम करा दिए टेकरी पर

Manoj Vishwkarma

Publish: Sep 23, 2019 02:02 AM | Updated: Sep 22, 2019 23:02 PM

Guna

पार्षदों ने की थी इस घोटालों की कलेक्टर से शिकायत

गुना. नगर पालिका परिषद द्वारा कराए गए कामों में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। नपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सलूजा के कार्याकाल में नपा क्षेत्र के बाहर सकतपुर, माधौपुर और हरिपुर के लिए काम मंजूर हुए, लेकिन टेकरी पर करा दिए गए। नपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सलूजा को लेकर परिषद के 18 से अधिक पार्षदों ने इसकी शिकायत कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार से की। इसमें कई तरह की गड़बड़ी सामने आ रही हैं।

गांवों के लिए नाम पर सामुदायिक भवन और रोड मंजूर की गई थी, लेकिन उसका निर्माण टेकरी पर किया गया। शिकायत करने वालों में कांग्रेस पार्षद वंदना मांडरे, वीरेंद्र शर्मा और खालिद बंटी सहित करीब १८ नाम शामिल हैं। दरअसल, नगर पालिका अध्यक्ष सलूजा शिकायतों के बाद अपनी विधायकी से लेकर नपाध्यक्ष के कार्याकाल के दौरान हुए निर्माण कार्यों में हुई गड़बड़ी में फंसते नजर आ रहे हैं। रैनबसेरा के मामले में उनके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज हो चुकी और उनके अधिकार भी सीज हो गए थे।

नपा के इन निर्माणों में बड़ी हेराफेरी

नगर पालिका परिषद के कई निर्माणों में बड़ी गड़बड़ी सामने आ रही है। टेकरी के पास के सर्वे नंबर 1 और 3 जो कुसुम गोयल व बालकिशन गोयल की निजी जमीनों के थे, उन परए सरकारी धन से करोडों के निर्माण कर डाले। 15 लाख टेकरी ट्रस्ट की मांग पर दिए गए। 40 लाख के रैनबसेरा, 35 लाख की सीसी, मेला ग्राउंड पर 30 लाख, माधौपुर के नाम से टेकरी पर रिनेनिंग वॉल, 40 लाख रुपए की धर्मशाला, 20 लाख का रैनबसेरा, 20 लाख का पार्क, इसके अलावा 10-10 लाख के तो कई निर्माण स्वीकृत कर डाले। इसके अलावा डामरीकरण, बिजली के खंबे, हाइमस्ट लाइट की लाखों की खरीदी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके लिए कोई विज्ञप्ति भी जारी नहीं की गई। टेकरी के कर्मचारियों का वेतन नगरपालिका से निकलवाया, ट्रेक्टर, सफाई गाड़ी नपा से दी। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गुलशन जुनेजा के बेटे रोहित जुनेजा को वेतन के 10 हजार रुपरु महीना गत चार सालों से नगर पालिका परिषद भुगतान कर रही है।

ये गड़बड़ी आ चुकी हैं सामने

अभी तक की जांच पड़ताल में राजेंद्र सिंह सलूजा के संरक्षण में जो तमाम गड़बड़ी की गई उनमें से कुछ सामने आ चुकी हैं। इनमें विधायक निधि से 45 लाख के रैनबसेरा बनाने में धोखाधड़ी सबसे अहम है। दरअसल, ये रैनबसेरा निराश्रित, बुजुर्ग और विकलांगों के लिए स्वीकृत थे, जिन्हें सरकारी जमीनों के खसरे नक्शे लगाकर निजी भूमियों पर बनवाकर तमाम नियमों की धज्जियां उड़ा कर रख दीं। इसी तरह हरिपुर पंचायत के नाम से 16 लाख रुपए लागत की पानी की टंकी स्वीकृत कर ट्रस्ट की जमीन पर बनाई गई। सकतपुर पंचायत में पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था के लिए पावर जनरेटर 5.74 लाख के स्वीकृत कर ट्रस्ट की जमीन पर लगाए। नलकूप खनन पीएचई से कराए गए। धार्मिक न्याय एवं धर्मस्व विभाग से राशि लेकर लाखों रुपरु मनमानी से खर्च किए।

इनका कहना है

मैं किसी पर दबाव नहीं बनाता। कोई मंदिर पर स्वेच्छा से रसीद कटाने आता है तो मैं कौन हो सकता हूं। कोई जबर्दस्ती कर रहा है, तो पहले शिकायत करनी थी। टेकरी पर जो काम हुआ, उसकी जांच हो चुकी है और भी जांच चल रही। कोई परेशानी वाली बात नहीं है। राजनीतिक विरोधी टेकरी को ढाल बनाकर क्यों जोड़ रहे हैं। वे अपनी गिरेबां में झांके, इतने दिनों बाद क्यों आगे आए।

राजेंद्र सिंह सलूजा, अध्यक्ष नपा