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Cleanliness Campaign: शहरभर में स्वच्छता अभियान का ढिंढोरा, सफाई दूतों के क्षेत्रों में ही गंदगी का डेरा

Manoj Vishwkarma

Publish: Nov 08, 2019 02:02 AM | Updated: Nov 07, 2019 23:09 PM

Guna

ग्राउंड रिपोर्ट: साफ होने के बजाय दागदार होता जा रहा शहर

गुना. स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सुधारने जागरूकता के लिए चुनिंदा लोगों को सफाई दूत बनाया है। नपा ने अभियान को मिशन इम्पॉसिबल नाम दिया है। इसे चालू हुए एक हफ्ता गुजर गया, लेकिन सफाई व्यवस्था ढर्रे पर ही है। शहर के सबसे गंदे वार्डों में स्वच्छता तो गुरुवार को दूर सफाई दूतों के आवास और कार्यालयों के पास ही गंदगी पसरी मिली। नगर पालिका परिषद कार्यालय के पास और नपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सलूजा के आवास के पास भी खाली प्लॉटों में कचरे के ढेर लगे हैं।

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नपा ने कचरा एकत्रित करने के लगाए बॉक्स में से कचरा खाली करने के लिए सिस्टम ही डवलप नहीं किया। गुनिया नदी में कर्मचारी कचरा डाल रहे हैं। इस वजह से शहर गंदा होता जा रहा है। ३७ वार्डों में ४९५ सफाई कर्मचारी और बड़ी संख्या में मशीनरी है। इसके बाद भी स्वच्छता नजर नहीं आ रही।

प्रदेश के टॉप टेन शहर में आने यह जरूरी

स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में शहर को प्रदेश के सबसे साफ टॉप 10 शहरों में शामिल कराने का लक्ष्य है। लेकिन सर्वेक्षण 2020 में जिन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है, गुना सबसे ज्यादा कमजोर है। इनमें 6 में से 3 क्षेत्रों में सबसे ज्यादा 5100 अंक दांव पर है। कुल अंक 6000 रहेंगे। पिछले साल 37 वें नंबर पर था गुना: वर्ष 2019 सर्वेक्षण में गुना को अपनी श्रेणी के 38 शहरों में 37वीं रैंक मिली थी। इस बार गुना की लड़ाई टॉप 30 में अपनी जगह बनाने की है। क्योंकि इस बार भी वही पुरानी कमियां हमारे सामने हैं, जो 2019 में थी। उनके सुधार की कोई कोशिश नहीं की जा रही है। नगर पालिका के सामने अब बचे हुए 900 अंकों में से ज्यादा से ज्यादा नंबर हासिल करने की लड़ाई बची है।

कचरा एकत्रीकरण उठाव के 1500 अंक

इस बार के सर्वेक्षण में सिर्फ डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के ही अंक नहीं मिलेंगे बल्कि यह भी देखा जाएगा कि गीला व सूखा कचरा अलग-अलग जमा किया जा रहा है या नहीं। सेनिटेशन के 1500 अंक है। इस बार सिर्फ खुले में शौच मुक्ति पर ही ध्यान नहीं रहेगा बल्कि यह भी देखा जाएगा कि गंदे पानी की सफाई एवं पुन: उपयोग की क्या स्थिति है।

कचरे के निपटान के 2100 अंक

स्वच्छता सर्वेक्षण में 2100 अंक कचरे के निबटान के हैं। इसलिए नपा कचरा कम करने, फिर से उपयोग व रिसाइकलिंग पर जोर दे रही है। ठोस कचरा आधारित वायु प्रदूषण कम करने व गीले के कचरे के प्रसंस्करण सुविधाएं देखी जाएंगी। जमीनी हकीकत यह है कि ट्रेेंचिंग ग्राउंड पर कचरे के प्रसंस्करण एवं वैज्ञानिकनिपटारे के इंतजाम नहीं हैं।

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