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सड़क नहीं होने से हाथ में जूते चप्पल लेकर स्कूल जाते है बच्चे

Narendra Kushwah

Publish: Sep 11, 2019 16:33 PM | Updated: Sep 11, 2019 16:33 PM

Guna

आम जनता हर दिन हो रही परेशान
जिम्मेदार अधिकारी देखकर भी बने अनजान
लाखों रुपए की लागत से बनी सड़क दलदल में तब्दील

गुना। सरकार जनता की सुविधा का ध्यान रखते हुए सड़कों का निर्माण कराने करोड़ों रुपए का बजट दे रही है। इसके बावजूद जनता को कीचडय़ुक्त व दलदलनुमा मार्ग से होकर bad road गुजरना पड़ रहा है। लोगों के वाहनों में टूट फूट बढ़ गई है।

क्षतिग्रस्त मार्ग की वजह से जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। जिसकी वजह से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर हो जाती है। गौर करने वाली बात है कि सड़कों की जर्जर हालत न सिर्फ स्टेट हाइवे की है बल्कि शहर की सड़कें भी दलदल में तब्दील हैं।

सड़क की हालत ऐसी कि पैदल चलना भी मुश्किल

गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2018 में गुना-अशोकनगर रोड से पिपरिया तक का 4 किमी लंबा मार्ग मार्ग बनाया गया था। जिसके निर्माण पर लाखों रुपए का बजट खर्च किया गया। लेकिन निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों व गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया।

सड़क की हालत ऐसी कि पैदल चलना भी मुश्किल

दलदल में तब्दील हो गया
जिसकी वजह से बारिश होने पर यह सड़क कई जगह से उखड़ गई है। शहरी इलाके में सिंगवासा के पास सड़क बेहद जर्जर हो गई है। गहरे गड्ढों को भरने यहां मिट्टी डाल दी गई जिससे बारिश होने पर यह पूरा मार्ग दलदल में तब्दील हो गया है। भारी वाहनों के यहां से निकलने के बाद तो मार्ग की हालत और ज्यादा खतरनाक हो गई है। वर्तमान स्थिति में वाहन चालक एक साइड से होकर निकल रहे हैं। जिससे जाम की स्थिति बन रही है।

सड़क की हालत ऐसी कि पैदल चलना भी मुश्किल

प्रतिमा विसर्जन के लिए जाने वाला है यह रास्ता
यहां बता दें कि गुना-अशोकनगर से पिपरिया जाने वाले मार्ग की सबसे ज्यादा जर्जर हालत शहरी इलाके में सिंगवासा रोड पर है। जहां से होकर शहर की प्रतिमाएं विसर्जन के लिए सिंगवासा तालाब में ले जाई जाती हैं।

सड़क की हालत ऐसी कि पैदल चलना भी मुश्किल

ठीक नहीं कराया गया
इसकी जानकारी प्रशासन को पहले से थी इसके बावजूद इस मार्ग को पहले से ठीक नहीं कराया गया है। मंगलवार को जब लोग प्रतिमाएं लेकर सिंगवासा पहुंचे तो उन्हें बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बार तो दो पहिया व चार पहिया वाहनों के बीच हादसे की स्थिति भी बनी।

सड़क की हालत ऐसी कि पैदल चलना भी मुश्किल


जूते मौजे निकालकर प्रतिदिन स्कूल जाना पड़ता है
नगर पालिका भले ही नगर के प्रत्येक वार्ड में रहने वाले परिवार से समान रूप से टैक्स वसूल रही है लेकिन बदले में सभी वार्डों में विकास कार्य समान रूप से नहीं किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण नगर के वार्ड क्रमांक एक की दीनदयाल कॉलोनी का सामने आया है। जहां सड़क व नाली न बनने से बच्चों को सीवरयुक्त पानी से होकर जूते मौजे निकालकर प्रतिदिन स्कूल जाना पड़ता है। इसके अलावा दिन भर में कई लोग बगैर जूते-चप्पल के उस गंदे पानी में से मजबूरन निकल रहे हैं। खास बात यह है कि इन समस्याओं से वार्डवासी बीते 10 सालों से जूझ रहे हैं। इस दौरान नागरिकों ने पार्षद से लेकर विधायक तक को समस्या से अवगत कराया फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।