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लोग बोले- एबी रोड ओवर ब्रिज से निकलने में लगता है डर कहीं सरिया न लग जाए

Manoj Vishwkarma

Publish: Nov 14, 2019 02:03 AM | Updated: Nov 13, 2019 23:22 PM

Guna

27 वर्ष में ही बूढ़ा हो गया एबी रोड का ओवर ब्रिज

गुना. शहर को दो हिस्सों को जोडऩे वाला एबी रोड स्थित ओवरब्रिज जर्जर 27 वर्ष में ही बूढ़ा हो गया है। गड्ढों की वजह से ब्रिज हर दिन कमजोर हो रहा है। गड्ढों में सरिया निकल आए हैं। खास बात ये है कि इस पुल से हजारों बच्चे प्रतिदिन गुजरते हैं, इन नौनिहालों की न तो चिन्ता नगर पालिका के अधिकारियों को है, न प्रशासन को। पत्रिका ने बुधवार को ओवरब्रिज पर पहुंचकर वाहन चालकों से अपनी राय जानी तो लोग पुल की जर्जर से बेहद नाराज दिखे।

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उन्होंने कहा कि ब्रिज इतना जर्जर हो गया है कि कभी भी धराशायी हो सकता है। यहां से निकलने में डर लगता है कि कहीं सरिया निकलकर न लग जाए। ब्रिज पर काम न होने पर प्रशासनए लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका को जिम्मेदार ठहराया। दरअसल ये ब्रिज शहर के दो हिस्सों को आपस में जोड़ता है और हर दिन यहां से करीब 2० हजार छोटे-बड़े वाहन गुजर रहे हैं। कार और बाइक में हो रही टूट-फूट है शहर को जोडऩे के लिए मुख्य मार्ग होने से यहां से कार और बाइक भी बड़ी सं या में गुजरती हैं। हर दिन कदम पर गड्ढे होने से वाहनों में टूट-फूट हो रही है। यहां पर आए दिन फिसलकर गिरने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इसके बाद भी इस जर्जर पुल और रोड की मरम्मत नहीं की जा सकी।

सुरक्षा की अनदेखी

वाहनों का भारी दबाव होने के बाद भी यहां पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। ब्रिज पर डिवाइडर है, लेकिन नजर नहीं आता है। ट्रैफिक पुलिस ने भी यहां पर रेडियम और सिग्नल नहीं लगाए हैं। स्ट्रीट लाइट की रोशनी बेहद कम रहती है। न तो रात में गड्ढे नजर आते और ना ही डिवाइडर दिखता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

बसों के साथ भारी वाहनों का आवागमन

एबी रोड के रेलवे ओवर ब्रिज से हर दिन यात्री बसों के अलावा भारी वाहनों का आवागमन होता है। यहां से इंदौर जाने के अलावा बमोरीए फतेहगढ़ए ब्यावराए चांचौड़ाए कुंभराज और राघौगढ़ के लिए यात्री बस और वाहन जाते हैं। साथ ही ट्रैक्टर-ट्रालियों का आवागमन होता है। बड़े शोरूम शहर के इस हिस्से में हैं। रात 10 बजे के बाद सुबह 6 बजे तक भारी वाहन भी गुजर रहे हैं। यहां से बच्चों से भरे आटो भी गुजरते हैं। हादसे का भय बना रहता है।

ये बोले शहरवासी

ब्रिज में गड्ढे होने के साथ उनमें सरिया निकल आए हैं। यहां से गुजरने पर सरिया घुसने का डर लगता है। फिर भी यहां मरम्मत नहीं की जा रही हैं।

नितेश उपाध्याय, राहगीर

यह 24 घंटे चलने वाला मार्ग है। एक मिनट के लिए भी ब्रिज खाली नहीं रहता है। बच्चे भी यहां से गुजरते हैं। हादसा होने का भय बना रहता है।

पुरुषोत्तम जाटव, राहगीर

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