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भाजपा मंडल अध्यक्षों के नाम घोषित, मनमानी के लगे आरोप, सोशल मीडिया पर घमासान

Deepesh Tiwari

Publish: Nov 19, 2019 12:27 PM | Updated: Nov 19, 2019 12:27 PM

Guna

- वरिष्ठ नेताओं को फोन पर सुनाई खरी-खोटी, मुर्दाबाद तक कर दी पोस्ट, महिला और मुस्लिम समाज को नहीं मिली तरजीह

गुना@प्रवीण मिश्रा की रिपोर्ट

गुना जिलेे में भाजपा प्रदेश हाईकमान ने विचार-मंथन के बाद जिले के 17 मंडलों के अध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए। इनके साथ ही जिला प्रतिनिधि के लिए भी 17 नेताओं के नाम घोषित हो गए। मंडल अध्यक्षों के नामों की सूची में सबसे अधिक समर्थक भाजपा जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिकरवार के हैं

।इनके अलावा वरिष्ठ नेता इंजीनियर ओएन शर्मा, पूर्व विधायक ममता मीणा और गुना विधायक के दो-दो और सांसद डा. केपी यादव के दो समथर््ाक शामिल हैं। और इनके नाम घोषित होते ही विरोध के स्वर इतने तेज हुए कि पार्टी के जिलाध्यक्ष, भाजपा के जिला निर्वाचन अधिकारी समेत दो-तीन वरिष्ठ नेताओं को काफी खरी-खोटी सुनाई और सोशल मीडिया पर इतना घमासान हुआ कि पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं को लेकर तू-तड़ाक से चलकर मुर्दाबाद तक,धोखाधड़ी और पैसा लेकर अध्यक्ष बनवाने तक के आरोप पोस्ट कर दिए।

खबर ये है कि दो-तीन मंडल अध्यक्षों को लेकर आधा दर्जन से अधिक नेता व कार्यकर्ता जल्द अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। वहीं समाज के वोटरों के हिसाब से मंडल अध्यक्ष नहीं बनाए, इसके साथ ही न तो किसी मुस्लिम कार्यकर्ता को मंडल अध्यक्षों में जगह मिल पाई और न ही महिलाओं को।

मजेदार बात ये है कि नगर पालिका उपाध्यक्ष राजू यादव को तो पार्टी ने अनुशासनहीनता करने का इनाम उनको कैंट मंडल का अध्यक्ष बनाकर दिया है, जिसको लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है।


इनको बनाया मंडल अध्यक्ष
मंडल का नाम-मंडल अध्यक्ष का नाम-जिला प्रतिनिधि का नाम
गुना शहर- अमित श्रीवास्तव-रमेश राठौर
केन्ट- राजू यादव- बारेलाल धाकड़
बजरंगगढ़- संजीव धाकड़- राजकुमार रघुवंशी
पगारा- शिवराम कुशवाह- परशुराम शर्मा
याना- हरिराम सिंह रघुवंशी-अजय सिंह राजपूत
बमौरी- हरिसिंह यादव- वीरेन्द्र धाकड़
सिरसी- मोहन बारेला- हरिदेव शर्मा
फतेहगढ़- मनुसिंह पाड़ौन- हजारीलाल धाकड़
राघौगढ़- अंकित शर्मा- राम मोहन चौकसे
आरोन- गोविन्द शर्मा-प्रमोद सक्सेना
जामनेर- पप्पू सिंह भील- छतर सिंह धाकड़
पनवाड़ी हाट-इन्द्रराज सिंह दांगी- अशोक सिंह रघुवंशी
रूठियाई- कैलाश शिवहरे- नरेन्द्र जैन
कुंभराज-विकास शर्मा- भगवान लोया
चांचौड़ा- प्रद्यु न मीणा- राजेश खटीक
मधुसूदनगढ़- जगमोहन धाकड़- मनोज अग्रवाल
मृगवास- अरविन्द माहेश्वरी-करण सिंह गुर्जर


भाजपा ने ऐसे किया जातियों को उपकृत !
किरार, धाकड़- 6
कुशवाह-1
यादव-2
रघुवंशी- 3
बारेला- 1
वैश्य- 4
ब्राहमण- 5
भील-1
कलार- 2
मीणा- 1
साहू- 1
दांगी-1
राजपूत- 1
क्षत्रिय-1
गुर्जर- 1
खटीक- 1

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दावेदार होते हुए भी नहीं बन सकेे अध्यक्ष
भाजपा सूत्रों ने बताया कि गुना शहर से लोधा समाज की ओर से लालाराम लोधा, साहू समाज की ओर से राजेश साहू व सिरसी मंडल से सचिन शर्मा की दावेदारी प्रबल मानी जा रही थी, ऐन वक्त पर इनके नाम काटकर दूसरों की पसंद बने नामों को आगे बढ़ाया और उनको ही जगह मिली।

अनुशासनहीनता के इनाम में मिला अध्यक्ष पद
मंडल अध्यक्ष बनाने में वरिष्ठ नेताओं द्वारा की गई मनमानी का नतीजा यह है कि नगर पालिका उपाध्यक्ष राजू यादव जो नगर पालिका की बैठक में अपने ही दल के अध्यक्ष के खिलाफ बगावत का झंडा लिए खड़े रहे। भाजपा पार्षदों से उनकी तीखी नोंक-झोंक हुई।

मप्र सरकार के खिलाफ भाजपा संगठन नगर पालिका मु यालय के बाहर धरने पर बैठा रहा। उस समय यह पार्षद नगर पालिका के अन्दर कलेक्टर के समक्ष नगर पालिका के अधिकारियों पर प्रभाव जमाते दिखे थे, जिसकी भी स्थानीय संगठन से शिकायत की थी।

भाजपा के स्थानीय संगठन ने उनको अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई के रूप में नोटिस तो नहीं दिया बल्कि उनको केन्ट मंडल का अध्यक्ष बनाकर उपकृत कर दिया, जो भाजपा के स्थानीय नेता और कार्यकर्ताओं को रास नहीं आ रही है, इसकी शिकायत संभागीय संगठन मंत्री से की है। राजू यादव को भाजपा सांसद डा. केपी यादव का नजदीकी बताया जा रहा है।

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ऐन वक्त पर कटा सचिन का नाम
सिरसी मंडल के अध्यक्ष रहे सचिन शर्मा मंडल अध्यक्ष रहे सचिन शर्मा को हटाकर उनके स्थान पर मोहन बारेला को अध्यक्ष बनाया है। इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया यानि फेसबुक पर पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा है कि निर्वाचन में निर्विरोध रहने के बाद मुझे बाहरी नेता के कहने पर हटाया गया।

मेरा क्या दोष था मंडल जिताया, सदस्यता में न बर वन आया, लोकसभा में सिरसी मंडल जीता, इसका इनाम मुझे हटाकर दिया। मजेदार बात ये है कि इससे पहले उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट की जिसमें लिखा कि ठंडी छाती हो गई तेरी अब तू विधायक बनकर बता दे।

यह बात अलग है कि इसमें किसी वरिष्ठ नेता के नाम का उल् लेख नहीं था। इस पोस्ट पर कमेन्ट्स भाजपा के नेता विश्वनाथ सिकरवार और मनीष कृष्णानी ने अपनी बात रखी और कहा कि सचिन हम आपके साथ हैं निर्णय आपके पक्ष में होगा, विश्वास रखो भाईयों पर।


कौन हैं ये हरिसिंह?
भाजपा सूत्र बताते हैं कि बमौरी मंडल का अध्यक्ष हरिसिंह यादव को बनाया है, जबकि ये मंडल की दौड़ में कहीं भी नहीं था और न ही पैनल मेें इसका नाम शामिल था। हरिसिंह यादव के नाम की नियुक्ति को लेकर बमौरी के ही नेता और कार्यकर्ता हैरान हैं।

बमौरी के जानू किरार जैसे सैकड़ों लोगों का कहना है कि वे हरिसिंह यादव को जानते तक नहीं है, उन्होंने कब दावेदारी की, यह कोई बताने को तैयार नहीं हैं। यहां से मंडल अध्यक्ष पद के लिए मोतीलाल प्रजापति, सुखनंदन किरार और वीरेन्द्र धाकड़ के नाम पर चुनाव हुआ था।

जिसमें मोतीलाल को निर्विरोध चुन भी लिया था लेकिन उनका नाम कट गया और दूसरे को मंडल अध्यक्ष घोषित कर दिया। इसी तरह याना और जामनेर के मंडल अध्यक्षों का विरोध तेज होता जा रहा है। जामनेर के कुछ पदाधिकारी तो अध्यक्ष हटवाने के लिए आर-पार की लड़ाई के मुद्रा में आ गए हैं।


धरी रह गई रायशुमारी
भाजपा नेताओं का कहना था कि जब मंडल अध्यक्ष अपनी ही पसंद के घोषित करवाना थे तो रायशुमारी की नौटंकी जिले भर में क्यों कराई। उनका कहना था कि रायशुमारी में अधिकतर जो नाम आए थे उनमें से दो-तीन को ही मंडल अध्यक्ष पद पर नवाजा गया है, बाकी लोगों को तो नेताओं की पसंद पर उपकृत किया गया है। इसके साथ ही दो-तीन मंडल अध्यक्षों की उम्र पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।


भाजपा ने सर्व स मति और रायशुमारी के बाद मंडल अध्यक्षों के नाम घोषित किए हैं, जो विरोध है, वह शांत हो जाएगा। अभी तो मंडल और जिले की कार्यकारिणी बनेगी, उसमें शामिल कर लेंगे।
- गजेन्द्र सिकरवार, जिला अध्यक्ष भाजपा