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दस्तावेजों में मार दिया एक व्यक्ति को दो बार, बरखेड़ा हाट गांव का मामला

Brajesh Kumar Tiwari

Publish: Sep 14, 2019 21:24 PM | Updated: Sep 14, 2019 21:24 PM

Guna

ग्राम पंचायतों में योजनाओं का लाभ लेने के लिए आए दिन नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला जनपद आरोन की ग्राम पंचायत बरखेड़ा हाट का आया है। जहां सचिव ने एक व्यक्ति को तीन महीने के भीतर दो बार मार दिया और दोनों बार मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए। इसके बाद नए प्रमाण पत्र के आधार पर मृतक के परिजनों को संबल योजना के तहत दो लाख की सहायता भी जारी की गई।

गुना. दरअसल, बरखेड़ा हाटा गांव में मंगल सिंह कुशवाह पुत्र हीरालाल कुशवाह का निधन 24 अगस्त 2018 को हो गया था। पंचायत ने उनका मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया। लेकिन पंचायत सचिव ने इसी व्यक्ति को दस्तावेजों में एक बार मार दिया। मृत्यु की तिथि 3 महीने बढ़ाकर 24 नवंबर 2018 कर दी। दूसरे नंबर के प्रमाण पत्र से मृतक के परिजनों को संबल योजना के तहत दो लाख रुपए की राशि का भी भुगतान कर दिया गया। एक ही व्यक्ति की दो मृत्यु होने का मामला सामने आते ही पंचायत में हड़कंप है। उधर, जनपद पंचायत आरोन के सीईओ ने इस मामले में जांच करने की बात कही है।


संबल योजना का लाभ लेने बनवाया प्रमाण पत्र: दरअसल, पंचायत ने संबल योजना का लाभ दिलाने दूसरा प्रमाण पत्र बनाया है। पहला प्रमाण पत्र जब बना तो उसके बाद विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई थी। जैसे ही आचार संहिता हटने के बाद दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया। यह प्रमाण पत्र रोजगार सहायक एवं प्रभारी सचिव जीतेंद्र धाकड़ द्वारा बनाए गए थे।

ग्रामीणों ने बताया मादक पदार्थों का कारोबारी, सरपंच बोला-बेबुनियाद आरोप, जांच करा लो


उधर, इसी ग्राम पंचायत के सरपंच संतोष शर्मा पर गांव के लोगों ने ही गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अधीक्षक को भेजी शिकायत में सरपंच को मादक पदार्थों का कारोबारी बताया और अवैध गतिविधियों को कराने में संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। शिकायत करने वालों में राजकुमार, महेंद्र, रामवीर सिंह, रामचरण, रंजीत, शिवराज, मुकेश और भगवत सिंह सहित कई लोग शामिल हैं। उधर, सरपंच संतोष शर्मा का कहना है कि मेरे विरोधी पक्ष के लोग हैं और वे मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। मेरे पर लगे आरोपों की जांच करा ली जाए। इनसे जुड़ा एक व्यक्ति गांजा बेचते पकड़ा गया तो मेरे ऊपर भी आरोप लगाने लगे।

एक व्यक्ति के दो बार मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बना सकते। चुनाव आचार संहिता अगर लागू हो गई थी तो बाद में हटते ही उसी प्रमाण पत्र से संबल योजना का लाभ मिल पाता। मैं जांच करवाता हूं। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।


-डा. अजीत तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद आरोन


आवेदकों ने आवेदन दिया था। मैने पुराना प्रमाण पत्र देखा नहीं और बना दिया। पहले का प्रमाण पत्र हटा दिया, बाद का मान्य किया है। मृतक के परिजनों को संबल योजना के तहत दो लाख रुपए का भुगतान किया गया है।


-जीतेंद्र धाकड़, रोजगार सहायक एवं तत्कालीन प्रभारी सचिव