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महिला ने चार बच्चों को दिया जन्म, चारों की हुई मौत

Narendra Kushwah

Publish: Nov 05, 2019 11:32 AM | Updated: Nov 05, 2019 11:32 AM

Guna

नहीं बच सकी एक की भी जान
पहले बच्चे की घर पर तथा 3 बच्चों की जिला अस्पताल में हुई डिलेवरी
आधा घंटे देर से पहुंचा जननी वाहन
रास्ते में बंद मिला महुगढ़ा रेलवे फाटक, करना पड़ा इंतजार

गुना। जिले के ग्राम बेरखेड़ी निवासी एक महिला ने रविवार को एक नहीं बल्कि चार बच्चों को जन्म दिया है। लेकिन दुखद पहलु रहा कि एक भी बच्चा जीवित नहीं बच सका। हालांकि महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है। खास बात यह है कि महिला की यह पहली डिलेवरी थी लेकिन 4 में से एक भी बच्चा जीवित नहीं बच सका। पति सहित अन्य परिवारजनों ने महिला की हालत सामान्य होने पर राहत की सांस ली है।

डिलेवरी घर पर ही हो गई
जानकारी के मुताबिक बमोरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बेरखेड़ी निवासी रीना पत्नी हुकुम खैरुआ को रविवार की सुबह करीब 4 बजे प्रसव पीड़ा हुई तो पति ने 108 नंबर पर फोन लगाया। लेकिन 30 मिनट तक कोई वाहन नहीं आया। वहीं उधर रीना की डिलेवरी घर पर ही हो गई।

रेलवे फाटक बंद मिला
महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया लेकिन वह तत्काल मर गई। इसके बाद फिर से पति ने 108 को फोन लगाया तब जाकर करीब आधा घंटे बाद जननी एक्सप्रेस वाहन आया और महिला को लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गया। लेकिन रास्ते में महुगढ़ा रेलवे फाटक बंद मिला।

जननी वाहन जिला अस्पताल पहुंचा
यहां जननी वाहन को काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। फाटक खुलने के बाद जैसे तैसे जननी वाहन जिला अस्पताल पहुंचा। यहां डॉ आराधना विजयवर्गीय ने रीना की डिलेवरी कराई तो उसने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया। इनमें से दो बच्चों की हार्टबीट नहीं चल रही थी। जबकि एक बच्ची को तत्काल एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। लेकिन वह एक घंटे से ज्यादा जीवित नहीं रह सकी।

पेट में 4 बच्चे हैं, 2 दिन पहले ही पता चल गया था
महिला के पति हुकुम खैरुआ ने बताया कि वह पेशे से मजदूर है। उसने पत्नी रीना की सभी नियमित जांचें करवाई थी। गुना में एक महिला चिकित्सक को भी दिखाया था। उनके कहने पर तीन बार सोनोग्राफी भी कराई गई। डिलेवरी से दो दिन पहले कराई गई सोनोग्राफी में यह सामने आ चुका था कि पेट में चार बच्चे हैं। लेकिन इस समय महिला को साढ़े 6 माह का ही गर्भ था इसलिए उसे अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया।

काफी कम वजन था बच्चों में
ड्यूटी डॉक्टर आराधना विजयवर्गीय के मुताबिक रीना ने कुल चार बच्चों को जन्म दिया है। इनमें दो लड़के तथा दो लड़कियां थीं। सभी का वजन एक किलो से काफी कम था। पहले बच्चे का वजन 500 ग्राम, दूसरे का 600 ग्राम तथा तीसरे व चौथे बच्चे का वजन भी 425 ग्राम के करीब था।

मेडिसन नहीं मिल पाया
वहीं रीना भी शारीरिक रूप से कमजोर है। उसे सही समय पर उचित न्यूट्रीशन व मेडिसन नहीं मिल पाया। हालांकि अभी उसकी हालत पूरी तरह से खतरे से बाहर है। बकौल डॉ विजयवर्गीय, किसी महिला द्वारा 4 बच्चों को जन्म देने का यह उनके कार्यकाल का पहला मामला है। इतने कम वजन वाले बच्चों को बचाना मुश्किल रहता है।

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