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RamMandirVerdict बसपा सरकार का फार्मूला योगी सरकार में है हिट, इस तरह अयोध्या राममंदिर फैसला आने के बाद किसी स्थिति से निपटेगी पुलिस

Dheerendra Vikramadittya

Publish: Nov 05, 2019 13:41 PM | Updated: Nov 05, 2019 13:41 PM

Gorakhpur

पूर्व डीजीपी बृजलाल ने 2010 में अपनाया था यह तरीका, पुलिस विभाग में बनी नजीर

अयोध्या राममंदिर प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाने वाला है। कोर्ट के निर्णय के बाद समाजिक सौहार्द पर कोई आंच न आए इसके लिए पुलिस-प्रशासन पहले से ही तैयारियों में व्यस्त है। वह लगातार विभिन्न वर्गाे के धर्मगुरुओं, प्रबुद्धजन से संवाद कर किसी भी स्थिति में सामाजिक तानाबाना बरकरार रखने के लिए प्रयासरत है। पुलिस अधिकारी लगातार जनसहयोग के फार्मूले पर होमवर्क कर रही है। उच्चाधिकारियों के अनुसार जिले के पचास संवेदनशील चौराहों को चिंहिंत किया गया है। यहां पहले से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता तो किया ही गया है, राममंदिर पर निर्णय आने के बाद इन चौराहों पर अगले 72 घंटों तक निगहबानी रहेगी। 12-12 घंटों के लिए यहां रोस्टर ड्यूटी लगाई जाएगी।

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एडीजी जयनाराण सिंह के अनुसार बड़े चौराहों पर सीओ रैंक के अफसर पुलिस टीम का नेतृत्व करेंगे। पुलिस के सहयोग में सिविल डिफेंस के लोग भी शामिल रहेंगे तो छोटे चौराहों पर इंस्पेक्टर रैंक के अफसर पुलिस टीम की अगुवाई में तैनात किए जाएंगे।
यही नहीं इन चौराहों सहित शहर के चप्पे-चप्पे पर पीएसी, रैपिड एक्शन फोर्स व होमगार्ड तैनात रहेंगे। सिविल डिफेंस के लोगों के अलावा एसपीओ, पीस कमेटियों के सदस्य चैक-चैराहों पर पुलिस के सहयोग में रहेंगे ताकि स्थानीय स्तर पर वह लोगों से बातचीत कर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने में सहयोग कर सकें।
पुलिस अधिकारी थानों, अपने कार्यालयों में लगातार विभिन्न लोगों, समाज, समुदायाओं से बातचीत कर रहे हैं। इन लोगों का नंबर लिस्टेड किया जा रहा है।

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बसपा सरकार में एडीजी रहे बृजलाल ने अपनाया था फार्मूला

2010 में अयोध्या राममंदिर पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था। उस समय बसपा की सरकार थी और प्रदेश के पुलिस विभाग में एडीजी लाॅ एंड आर्डर के पद पर बृजलाल तैनात थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के खास पुलिस अधिकारियों में शुमार पूर्व डीजीपी बृजलाल ने जनसहभागिता का फार्मूला अपनाने का आदेश दिया था। पुलिस के लोग लगातार लोगों से संपर्क करते रहे। समाज के विभिन्न वर्गाें को इन लोगों ने समझाया, हर स्थिति से निपटने के लिए संयम बनाने, सबको शांति बनाए रखने के लिए सहयोग की अपील की। रामंदिर पर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद पूरे यूपी में लोगों ने सहयोग किया और कहीं से किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई न ही कहीं कोई अप्रिय घटना घटी। बृजलाल इस समय सूबे की योगी सरकार में यूपी एससी/एसटी आयोग के चेयरमैन हैं।

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