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निर्माणाधीन एम्स बना जंग-ए-मैदान, गार्ड व मजदूरों में जमकर मारपीट, टाइम आफिस को मजदूरों ने किया तहस नहस

Dheerendra Vikramadittya

Publish: Jul 21, 2019 02:05 AM | Updated: Jul 21, 2019 02:05 AM

Gorakhpur

  • मामूली बात को लेकर गार्ड और मजदूरों के बीच हुआ था विवाद, मारपीट के बाद गुस्साएं मजदूरों ने की तोड़फोड़
  • पुलिस ने किसी तरह स्थिति को काबू में किया

गोरखपुर में निर्माणाधीन एम्स में गार्ड व मजदूरों में मामूली विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि पूरा एम्स परिसर जंग के मैदान में तब्दील हो गया। काफी देर तक यहां तोड़फोड़ होता रहा। हालात को काबू में करने के लिए वज्र वाहन व पुलिस बल बुलाया गया। पूरे दिन काम ठप रहा। मजदूरों के रौद्र रूप को देख काम करा रहे ठेकेदार भी वहां से भाग निकले।

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गोरखपुर में पिछले साल भर से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के भवन का निर्माण हो रहा है। इस निर्माण कार्य में 22 सौ से अधिक मजदूर लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि एम्स निर्माण कर रहे मजदूरों को गेट नंबर एक से प्रवेश दिया जाता था लेकिन पिछले कुछ दिनों से सिंघडिया के पास भी एक गेट खोल दिया गया है। लेकिन बरसात का मौसम होने की वजह से नया खोले गए गेट का रास्ता सही नहीं होने की वजह से मजूदर गेट नंबर एक से ही जाना मुनासिब समझते हैं। शनिवार को भी अधिकतर मजूदर गेट नंबर एक से ही जा रहे थे। गार्ड उनकी जांच कर अंदर प्रवेश दे रहे थे।
कहा जा रहा है कि गार्ड कुछ मजदूरों को दूसरे गेट से प्रवेश को भी कहने लगे इसलिए विवाद प्रारंभ हुआ तो कुछ लोग कह रहे कि गार्ड ने बिना हेलमेट लगाए प्रवेश कर रहे कुछ मजदूरों को रोका तो विवाद शुरू हुआ। हालांकि, कहासुनी के कुछ ही देर में काफी संख्या में मजूदर गेट नंबर एक पर एकत्र हो गए। उसी में कुछ ने गार्ड की बुरी तरह से पिटाई कर दी। इसके बाद कुछ मजदूरों का रेला निर्माणाधीन एम्स परिसर के टाइम आफिस में पहुंच गया। वहां रखी फाइल्स, जरूरी सामनों को तहस नहस कर दिया। कंप्यूटर वगैरह भी तोड़ दिए। सारा सामान तोड़फोड़ कर बिखरा दिया।

उधर, किसी ने पुलिस को इस तोड़फोड़ की सूचना दे दी। मौके पर वज्र वाहन के साथ पुलिस पहुंची। किसी तरह स्थिति को काबू में किया। फिर बातचीत प्रारंभ हुआ।

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