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स्कूल में नहीं चलने देंगे मदरसे वाली प्रार्थना, योगी के मंत्री ने दिया ये बयान

Dheerendra Vikramadittya

Publish: Oct 17, 2019 14:02 PM | Updated: Oct 17, 2019 14:02 PM

Gorakhpur


सूबे के मंत्री बोले

यूपी के प्राइमरी स्कूलों में धार्मिक आधार पर पूजा पद्धति से प्रार्थना कराने पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डाॅ.सतीश चंद्र द्विवेदी ने सख्त कार्रवाई की बात कही है। प्राइमरी स्कूल में सरस्वती वंदना की जगह मदरसे की प्रार्थना कराने के एक जिले के मामले में बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी सरकारी स्कूल में इसकी इजाजत नहीं दी जाएगी। सरकारी स्कूलों में परंपरागत रूप से सरस्वती पूजा व प्रार्थना का प्राविधान है। नई परंपरा नहीं डालने दी जाएगी। किसी धर्म विशेष की पूजा और तंत्र मंत्र की शिक्षा की इजाजत नहीं है।
पीलीभीत में हुए इस तरह प्रकरण में शिक्षक को निलंबित किया गया है। शिक्षक द्वारा इस तरह के तंत्र मंत्र की शिक्षा क्यों दी जा रही थी, इस बाबत रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने पूर्व एचआरडी मंत्री कपिल सिब्बल पर भी साधा था निशाना

डीडीयू (DDU)के दीक्षांत (Convocation) सप्ताह समारोह के अंतर्गत शुरू हुए एक कार्यक्रम में प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (Basic Education Minister) डाॅ.सतीश चंद्र द्विवेदी (Dr.Satish Chandra Dwivedi) ने शिक्षा व्यवस्था की दुगर्ति के लिए पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल को दोषी ठहराया। सूबे के राज्यमंत्री डाॅ.सतीश द्विवेदी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति ने जितना नुकसान नहीं पहुंचाया, उससे अधिक कपिल सिब्बल ने बर्बाद किया है।

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डाॅ.द्विवेदी डीडीयू में ‘बुनियादी शिक्षा के रूपांतरण में सरकार और विश्वविद्यालय की भूमिकाःउत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में’ विषय पर आयोजित सेमीनार को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बुनियादी शिक्षा व शिक्षण को स्तरीय बनाने के लिए विवि को सहयोग करने के लिए आगे आना होगा। समाज निर्माण में विश्वविद्यालय की भूमिका सर्वकालिक रूप से महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बुनियादी शिक्षा के सुधार और उसकी शिक्षण प्रक्रिया को स्तरीय बनाने में किस प्रकार अपनी भूमिका निभाते हैं, इस दिशा में जल्द ही बेसिक शिक्षा में तैनात शिक्षकों को विश्वविद्यालयों के सहयोग से प्रशिक्षित किया जाएगा।
अध्यक्षता विवि के कुलपति प्रो.वीके सिंह (Prof. V.K. Singh) ने की।
इस दौरान प्रतिकुलपति प्रो.हरिशरण, विशेष जागरूकता प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो. अजय कुमार शुक्ला, प्रो. राजवंत राव, प्रो. हुमा सब्जपोश, प्रो. जितेंद्र मिश्रा, प्रो. नंदिता सिंह, प्रो. शिखा सिंह, प्रो. सुनीता मुर्मू, प्रो. मुरली मनोहर पाठक, प्रो. एनपी भोक्ता, प्रो. संगीता पांडेय, प्रो. विनोद कुमार सिंह, प्रो. मानवेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. शरद मिश्रा, डाॅ.मनीष पांडेय आदि मौजूद रहे।

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