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इस प्लेटफार्म पर किशोर-किशोरियां खुलकर रख सकेंगे अपनी बात

Dheerendra Vikramadittya

Publish: Nov 11, 2019 12:42 PM | Updated: Nov 11, 2019 12:42 PM

Gorakhpur

#BindassBol

किशोरावस्था की शुरूआत होते ही कई प्रकार के शारीरिक व मानसिक परिवर्तन होते हैं। ऐसे में इस आयु वर्ग के प्रति अभिभावकों का नजरिया दोस्ताना होना चाहिए। साथ ही किशोर-किशोरियों को भी अपनी समस्याओं के प्रति हिचक तोड़ कर खुल कर बात करनी चाहिए। स्वस्थ किशोर ही स्वस्थ समाज की नीव हैं। इसी संदेश के साथ स्वयंसेवी संगठन पापुलेशन इंटरनेशनल सर्विसेज (पीएसआई) के सहयोग से शाहपुर स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) क्षेत्र की मलिन बस्ती में किशोर स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया गया। आयोजन का थीम ‘‘हैशटैग बिंदास बोल’’ प्रतिभागियों द्वारा ही तय किया गया था। इस आयोजन में कुल 102 किशोर-किशोरियों ने प्रतिभाग किया जिन्हें किशोरावस्था से जुड़ी तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

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शाहपुर यूपीएचसी की प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. हरप्रित जोगिंदर पाल ने 15 वर्ष से 19 वर्ष तक की आयु वर्ग के इन किशोर-किशोरियों को सेहत से जुड़े टिप्स दिए। किशोरियों से कहा गया कि वे मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें क्योंकि सफाई का सेहत से गहरा संबंध है। किशोरों को नशावृत्ति छोड़ने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। पोषणयुक्त दाल, हरी सब्जियों, आयरल, कैल्शियम के सेवन का भी परामर्श दिया गया।
जिला महिला चिकित्सालय की अर्श काउंसलर रूपकला यादव ने प्रतिभागियों से एकांत में बात किया और उनके मन की बात सुन कर उन्हें आवश्यक परामर्श भी दिया।
कार्यक्रम में पीएसआई टीएचआईएचसी प्रोजेक्ट के मैनेजर प्रोग्राम केवल सिंह सिसौदिया, स्टेट टीम से आईं ममता, स्थानीय टीम के राजन, तूलिका, पवन, अंजना, पवन, सरिता, अनामिका, मोहन और ब्रेक थ्रू संस्था के आकाश ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन व सहयोग किया।

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21 किशोरियों में खून की कमी
किशोर स्वास्थ्य दिवस के मौके पर कुल 102 प्रतिभागियों के खून में हिमोग्लोबिन की मात्रा की जांच की गयी। जांच के बाद पाया गया कि 6 लड़कों और 21 लड़कियों में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम है। खून की कमी वाले किशोरों को निशुल्क दवा देने के अलावा भुना चना, गुड़ व आयरनयुक्त भोज्य पदार्थों के सेवन के बारे में जानकारी दी गई। किशोरियों को यह भी बताया गया कि आयरन को गोली खाली पेट नहीं खाना है। खाना खाने के एक घंटा पहले या बाद में नहीं खाना है। विटामिन सी युक्त आहार के साथ ही आयरन की गोली खाना है।

51.7 फीसदी महिलाएं एनीमिक
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएचएफएस)-04 के अनुसार जनपद में 15-49 वर्ष की आयु वर्ग में 51.7 फीसदी महिलाएं व किशोरियां एनीमिक हैं। इनमें 49.5 फीसदी महिलाएं व किशोरियां ग्रामीण क्षेत्रों की रहने वाली हैं। इसी वजह से सरकार का फोकस किशोरियों के सेहत पर है। किशोरियों को सेहतमंद बना कर एनीमिया की इस दर में कमी लाने के लिए प्रत्येक महीने की 8 तारीख को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर किशोरी दिवस मनाया जाता है।

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